उसने बताया कि उसे कुछ भी याद नहीं है कि वह कौन है और उसने झील में छलांग क्यों लगाई। करीब 24 घंटे बाद महिला ने सहारा टीम से आग्रह किया कि उसे किसी आश्रम में छोड़ दिया जाए, क्योंकि उसका कोई नहीं है। हालांकि, उसने अपना पता या कोई अन्य जानकारी देने से मना कर दिया। बाद में महिला अस्पताल के बेड से उठकर वहां से चली गई।