सीतापुर मनरेगा घोटाले में 39 दोषियों पर जुर्माना और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति

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मनरेगा घोटाले में बड़ी कार्रवाई की संस्तुति जिलाधिकारी से की गई है। लोकपाल मनरेगा ने जांच में दोषी पाए जाने के बाद 39 से जुर्माना व वसूलने व मनरेगा अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है।

दोषियों में वर्तमान प्रधान, तत्कालीन व वर्तमान सचिव, तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक शामिल हैं।

लोकपाल मनरेगा से शिकायत की गई थी कि पांच अक्टूबर 2022 से लेकर 10 अक्टूबर 2022 के बीच बेहटा ब्लाक की ग्राम पंचायत अकबरपुर, मुसही, सुमली, बेहटा पकोड़ी, बेलवा गुनिया, आंबा, सुल्तानपुर, मरसंडा, शाहपुर में मनरेगा से कार्य दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिया गया।

जिस अवधि में कार्य दिखाया गया उस समय बारिश हो रही थी। इसके अलावा जहां बारिश से जलभराव हो गया था वहां पर भी कार्य दर्शाए गए थे। शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।

संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को नोटिस भेज कर कार्य के अभिलेख मांगे गए। इस संबंध में कोई पक्ष प्रस्तुत किया गया न ही कोई साक्ष्य दिए गए।

बीडीओ व उपायुक्त मनरेगा के माध्यम से कई बार पत्राचार के बावजूद संबंधित ग्राम पंचायत के अभिलेख प्रस्तुत किए गए न ही व्यक्तिगत उपस्थित होकर संबंधित ने अपना स्पष्टीकरण दिया। इससे मनरेगा घोटाले की सही धनराशि का आकलन नहीं हो पाया। संबंधित ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया और न ही साक्ष्य दिया।

इसके आधार पर यह पाया गया की प्रथम दृष्टया मनरेगा घोटाले में संबंधित की संलिप्तता है। मनमाने आचरण व कार्य शैली के चलते प्रधान, वर्तमान सचिव व तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक को दोषी पाया गया है।

सभी पर एक- एक हजार रुपये जुर्माना के साथ मनरेगा अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इनमें नौ प्रधान, नौ रोजगार सेवक, 18 सचिव और तीन तकनीकी सहायक शामिल हैं।

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