Singrauli : DPS निगाही में अंतर- कक्षीय अंग्रेज़ी कहानी प्रतियोगिता का आयोजन, नौनिहालों ने तोतली भाषा में सुनाई कहानियाँ..

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 पूर्व- प्राथमिक कक्षाओं के नौनिहालों ने तोतली भाषा में सुनाई रोचक एवं शिक्षाप्रद कहानियाँ 

सिंगरौली दिल्ली पब्लिक स्कूल,निगाही में पूर्व- प्राथमिक विभाग द्वारा अंतर- कक्षीय अंग्रेज़ी कहानी सुनाने की प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इसकी जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य सुखवंत सिंह थापर ने बताया कि विद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे- मुन्ने बच्चों ने अपनी तोतली भाषा में ऐसी-ऐसी रोचक और शिक्षाप्रद कहानी सुनाई की उपस्थिति दर्शक, शिक्षक, अभिभावक सभी उनकी प्रतिभा देखकर आश्चर्यचकित रह गए। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में भाषाई कौशल, आत्मविश्वास, उच्चारण क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करना था। इस अवसर पर बच्चों के अभिभावकों ने भी उपस्थित होकर उन्हें प्रोत्साहित किया।

इस प्रतियोगिता में बाल वाटिका एक, दो एवं तीन के तीनों वर्गों से पाँच- पाँच बच्चे और पहली कक्षा के दोनों वर्गों के दस यानी कुल पचपन नन्हे-मुन्ने बच्चे शामिल थे। सर्वप्रथम प्रतियोगिता प्रभारी आयशा अली ने उपस्थित अभिभावकों, प्राचार्य एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों का औपचारिक स्वागत करते हुए इन्हें प्रतियोगिता संबंधी जानकारी दी एवं विद्यार्थी परिषद के कनिष्ठ प्रधान छात्रा प्रतिष्ठा पाण्डेय को स्वागत भाषण के लिए आमंत्रित किया। स्वागत भाषण के पश्चात का मंच-संचालन कुमारी विमला एवं समीक्षा मौर्या के निर्देशन में विद्यार्थी परिषद के कनिष्ठ सदस्य आदर्श नामदेव एवं विधि पाठक ने किया। गौरतलब है कि बच्चों ने अंग्रेज़ी साहित्य की प्रसिद्ध बाल कहानियाँ एवं लोकप्रिय प्रेरक लोक कथाएँ सुना कर न केवल बाल श्रोताओं का ज्ञानवर्धन किया बल्कि अपनी प्रस्तुति कला से सबको चमत्कृत भी किया। बच्चों की मासूम आवाज़, अभिनय, और बीच-बीच में आने वाली उनकी तोतली बोली ने वातावरण को इतना मधुर बना दिया कि सभागार में मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई। कई बच्चों ने कहानी के साथ छोटे-छोटे संवाद,कविता और ध्वनि- प्रभाव भी जोड़े जिससे उनका प्रस्तुतीकरण और अधिक प्रभावशाली बन गया।

निर्णायक मंडल के सदस्यों में प्राचार्य श्री थापर, मनोज कुमार मिश्र, जसबीर कौर मान एवं डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने इन बच्चों की प्रस्तुति शैली,आत्मविश्वास,कहानी की स्पष्टता तथा नैतिक संदेश जैसे बिंदुओं पर मूल्यांकन किया। निर्णायकों ने अपने संबोधन में अंग्रेज़ी कहानी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहानी सुनने व बोलने से होने वाले लाभ बताए। उन्होंने माताओं द्वारा बच्चों को कहानी सुनाने एवं लोरी व गाने के माध्यम से भाषा विकास पर बल दिया। इसके साथ ही कार्यक्रम का संचालन कर रहे बच्चों की सराहना करते हुए संपूर्ण आयोजन को अत्यंत सराहनीय बताया।

इस अवसर पर प्राचार्य श्री थापर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक देश की कहानियों की संवेदना मूल रूप से एक- समान होती है, इसलिए कहानी के नैतिक पक्ष पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कहानी उसी भाव के साथ सुनाई जानी चाहिए जिससे उसका संदेश बच्चों तक प्रभावी रूप से पहुँचे। समय के साथ कहानियों में परिवर्तन आवश्यक है, अतः अभिभावकों को भी समयानुसार नई व उपयुक्त कहानियाँ बच्चों को सुनानी चाहिए। बचपन में सीखे गए नैतिक मूल्य जीवन भर साथ रहते हैं इसलिए ऐसी प्रतियोगिताएँ बच्चों में सृजनात्मकता और संस्कार विकसित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। दादा-दादी, नाना- नानी की सभागार में उपस्थिति को बच्चों के मनोबल एवं संस्कार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कुछ रचनात्मक सुझाव देते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसी प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय की नृत्य शिक्षिका नीलू सेन के निर्देशन में पूर्व- प्राथमिक के नन्हे- मुन्ने बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ मिलकर फिल्मों के पुराने, मधुर गीतों की लय एवं ताल पर आकर्षक समूह नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में ममता, करुणा और स्नेह के भाव स्पष्ट रूप से झलक रहे थे। नृत्य के माध्यम से बच्चों का मनोबल बढ़ाने और पारिवारिक मूल्यों का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।

विजित प्रतिभागियों की घोषणा करते हुए प्रतियोगिता प्रभारी आयशा अली ने बताया कि कैप्टन साइबर कहानी सुनने वाली बाल वाटिका एक की आन्या सिंह ने चौथा, छोटू- द क्लीनेस कैप्टन कहानी सुनाने वाले रुद्रांश रंजन ने तीसरा, द अग्ली ट्री कहानी सुनाने वाली विदिशा अमरदीप जांबूले ने दूसरा तथा द लायन एंड द माउस कहानी सुनाने वाले प्रत्यूष सामंता ने पहला, द रिवर एंड द माउंटेन कहानी सुनाने वाली बाल वाटिका दो की आकृति कुमारी ने चौथा, द काइंड लिटिल बनी कहानी सुनने वाले रुद्र सोनी ने तीसरा, मदर्स लव कहानी सुनाने वाली तोषनी सिंह ने दूसरा और लेशन ऑफ ट्रुथ एंड करेज कहानी सुनाने वाली रिया चौहान ने पहला जबकि बाल वाटिका तीन की फॉक्स एंड क्रो कहानी सुनाने वाली शैल्वी कुशवाहा ने चौथा और मनी इस नॉट ट्रू वेल्थ कहानी सुनाने वाली नविका सिंह ने तीसरा, हू इज हैप्पी कहानी सुनाने वाले विहान वर्मा ने दूसरा और द कलर्स दैट स्पोक कहानी सुनाने वाली पृषा रामगड़े ने पहला एवं डोन्ट वेट टू ग्रो कहानी सुनाने वाली पहली कक्षा की सांवि क्षत्रिया ने चौथा, टॉकिंग ट्री कहानी सुनाने वाली तृषा सिंह ने तीसरा, अनलीश योर पावर कहानी सुनाने वाली कृत्वि विश्वास ने दूसरा तथा द लायन हू लास्ट द रोर कहानी सुनाने वाली मायरा सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य श्री थापर ने इन्हें स्मृति चिह्न प्रदान कर प्रोत्साहित किया। तत्पश्चात विद्यार्थी परिषद के कनिष्ठ प्रधान छात्र अंबर पाण्डेय द्वारा धन्यवाद- ज्ञापन किया गया एवं विद्यालय के संगीत शिक्षक नवेंदु नाथ तिवारी के निर्देशन में राष्ट्रगान हुआ और प्रतियोगिता संपन्न हुई ।

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