कांग्रेस ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट पेश करने से ठीक पहले राज्यों की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताई। पार्टी ने कहा कि बजट में राज्यों की वित्तीय चुनौतियों का समाधान निकाला जाना जरूरी है।
कांग्रेस ने मांग की कि 16वें वित्त आयोग की वित्तीय फंडिंग से जुड़ी सिफारिशों के अनुरूप राज्यों को उचित वित्तीय हिस्सेदारी दी जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि राज्यों की आर्थिक मजबूती के बिना देश की समग्र अर्थव्यवस्था को स्थिर नहीं किया जा सकता।
इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या इस बार भी बजट पेश होने के बाद तुरंत आंकड़ों में बदलाव किए जाएंगे। पार्टी ने कहा कि जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े बजट के कुछ दिनों बाद ही जारी होने वाले हैं, ऐसे में बजट की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस की यह टिप्पणी केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संतुलन और पारदर्शिता की बहस को और तेज कर सकती है।


