चीन की सच्चाई दिखाने वाले नागरिक को मिली US में शरण, ‘सीक्रेट कैंप’ में घुसकर बनाया था उइगर मुसलमानों का Video

2.4kViews
1198 Shares

अमेरिका में एक चीनी नागरिक अवैध रूप से घुस गया, इसके बावजूद न्यूयॉर्क की एक अमेरिकी अदालत ने उसे शरण देने का फैसला सुनाया। जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर इस व्यक्ति को चीन वापस भेजा गया तो उसे उत्पीड़न का गंभीर खतरा है।

दरअसल, 38 वर्षीय चीनी नागरिक गुआन हेंग 2021 में अवैध रास्ते से अमेरिका पहुंचा। गुआन को हाल ही में निर्वासन अभियान के तहत हिरासत में लिया गया था। गुआन ने 2021 में अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के बाद शरण की मांग की थी। जिसे अब जाकर अमेरिका में शरण मिल गई है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुआन ने साल 2020 में अपनी जान जोखिम में डालकर चीन के उन हिरासत केंद्रों (Detention Centers) की गुप्त वीडियो बनाई थी, जिन्हें चीन दुनिया से छिपाता रहा है।

अमेरिका पहुंचने से पहले शेयर किया वीडियो

अमेरिका पहुंचने से ठीक पहले गुआन ने हिरासत केंद्रों की वीडियो फुटेज को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद वह चीन छोड़ अमेरिका चला गया। वीडियो जारी होने के बाद चीनी पुलिस ने गुआन के फैमिली वालों से पूछताछ की और जानकारी मांगी।

गुआन 2021 में हांगकांग, इक्वाडोर, बहामास होते हुए अवैध तरीके ले नाव से फ्लोरिडा पहुंचा। उसने अमेरिकी कोर्ट में कहा कि वह जानता था कि चीन में रहते हुए ये फुटेज जारी करना सुरक्षित नहीं होगा।

क्या शरण पाने के लिए बनाई वीडियो

न्यूयॉर्क की कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब उससे जज ने पूछा- “क्या उसने शरण पाने के लिए हिरासत केंद्रों की फिल्म बनाई और अमेरिका पहुंचने से पहले वीडियो उसे जारी किया”।

जज के सवालों का जवाब देते हुए गुआन ने कहा कि ऐसा नहीं था, मुझे वहां सताए जा रहे उइगर मुस्लमानों पर दया आई जो सताए जा रहे थे। इसी लिए मैनें वीडियो बनाकर उसे दुनिया के सामने रखा।

शरण देना अमेरिका की नैतिक जिम्मेदारी

कोर्ट में सुनवाई के दौरान गुआन के वकील चेन चुआंगचुआंग ने कहा कि यह मामला शरण व्यवस्था है और अमेरिका का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह ऐसे लोगों की रक्षा करें।

गौरतलब है कि चीन में उइगर मुसलमान अपने अस्तित्व के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि शिनजियांग में दस लाख से ज्यादा उइगर मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जबरदस्ती बंदी बनाकर रखा गया है। उइगर महिलाओं के बुर्का पहनने की भी मनाही है। वह पर्दा करके बाहर नहीं जा सकतीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *