Economic Survey 2025-26: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बन सकता है सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर
संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey 2025-26) में सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष को लेकर अहम संकेत दिए हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए इस साल सबसे बड़ा सकारात्मक कारक भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का पूरा होना साबित हो सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत-अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के वर्ष 2025-26 के दौरान अंतिम रूप लेने की प्रबल संभावना है। यदि यह समझौता पूरा होता है, तो इससे वैश्विक व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितताओं में कुछ हद तक कमी आएगी और भारत के निर्यात, निवेश और कारोबारी विश्वास को मजबूती मिलेगी।
सर्वेक्षण में यह भी रेखांकित किया गया है कि मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है। दुनिया के कई बड़े देश व्यापार युद्ध, ऊंचे टैरिफ और संरक्षणवादी नीतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे माहौल में भारत और अमेरिका के बीच एक संतुलित और व्यापक व्यापार समझौता भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों में मजबूती से न केवल द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा, बल्कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और मजबूत भूमिका निभाने का अवसर भी मिलेगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और सर्विस सेक्टर में नए निवेश के रास्ते खुल सकते हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत हाल के वर्षों में व्यापार समझौतों को लेकर काफी सक्रिय रहा है। हाल ही में भारत ने न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जो वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं।
कुल मिलाकर, सरकार का आकलन है कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता समय पर पूरा होता है, तो यह न सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि को सहारा देगा, बल्कि लंबे समय में भारत की वैश्विक व्यापार स्थिति को भी मजबूत करेगा।


