पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का असर लखनऊ में भी देखने को मिला। शहर की लगभग 900 बैंक शाखाएं बंद रहीं और 16,000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। बैंक संगठनों के अनुसार, मंगलवार को करीब 2500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की लखनऊ जिला इकाई के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुबह 10 बजे से कामकाज ठप कर दिया गया। हड़ताल के दौरान बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर प्रदर्शन किया।
इंडियन बैंक की हजरतगंज शाखा में जिला स्तर पर प्रमुख प्रदर्शन आयोजित किया गया। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि हड़ताल से पहले बैंककर्मियों ने कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए और रैली भी निकाली। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर भी अभियान चलाया गया, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मुख्य मांग को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
बैंककर्मियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और सेवा की गुणवत्ता भी सुधरेगी। वहीं, ग्राहकों को हड़ताल के कारण लेनदेन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।


