कर्पूरी ठाकुर जयंती सेमिनार के दूसरे दिन शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र, प्रो. रंजन लता ने दी श्रद्धांजलि

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भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का दूसरा दिन रविवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुंगेर यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी साउथ बिहार गया, इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही ऑनलाइन प्रजेंटेशन भी आयोजित किया गया।

रविवार के सत्र की अध्यक्षता गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रो. रंजन लता ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व में अद्भुत समन्वय की क्षमता थी। समाज के उपेक्षित और पीड़ित वर्गों के प्रति उनके मन में गहरा दर्द था। उन्होंने जो भी निर्णय लिए, वे मानव की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखकर किए गए।

सेमिनार में वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के राजनीतिक जीवन, सामाजिक न्याय की अवधारणा और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों के माध्यम से उनके विचारों और कार्यों को वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ा।

इस आयोजन का उद्देश्य जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों को समाज में जीवित रखना था।

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