हापुड़ जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसने लोगों को दहला दिया। बुलंदशहर से हापुड़ की ओर जा रही एक इलेक्ट्रिक कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। यह हादसा कुराना टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां महिंद्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार (UP13U 7555) में अचानक भीषण आग लग गई।
कार चला रहे अमन खरबंदा ने जैसे ही धुआं और आग की लपटें देखीं, स्थिति गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कुछ ही मिनटों में आग की चपेट में आ गई और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए। टीम ने तेजी से पानी और अन्य उपकरणों की मदद से आग बुझाई। इस दौरान कार पूरी तरह से जल चुकी थी, लेकिन सबसे राहत की बात यह रही कि ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि कुछ ही क्षणों में पूरी गाड़ी धधकने लगी। यदि बचाव कार्य में देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस की भूमिका
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत कार को सड़क से हटवाया ताकि यातायात बाधित न हो। इसके बाद सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनने से बच गई और आवागमन सामान्य हो गया।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक अनुमान है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी इलेक्ट्रिक कार में इस तरह की आग लगते देखी। कई लोग वीडियो बनाते हुए सोशल मीडिया पर साझा करने लगे। वहीं, कुछ लोगों ने ड्राइवर को सुरक्षित निकालने में मदद भी की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह हादसा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर सवाल
पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। सरकार भी इन्हें पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प मानते हुए बढ़ावा दे रही है। लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी की गुणवत्ता और मेंटेनेंस बेहद महत्वपूर्ण है। यदि बैटरी में खराबी आती है तो आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
हापुड़ की इस घटना ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि ड्राइवर की जान बच जाना राहत की बात है, लेकिन इस हादसे ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।


