प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यात्रियों की सुविधाजनक आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस का ऑनलाइन उद्घाटन किया। 18 कोच वाली इस नई ट्रेन में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच शामिल हैं। रविवार शाम जब ट्रेन जसीडीह स्टेशन पहुंची तो यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद ट्रेन को औपचारिक रूप से फ्लैग ऑफ किया गया। उद्घाटन अवसर पर स्टेशन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
अमृत भारत एक्सप्रेस को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। ट्रेन की डिजाइन और कोच व्यवस्था आधुनिक मानकों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और समय की बचत करने वाली यात्रा उपलब्ध कराना है।
चार राज्यों को जोड़ेगी नई ट्रेन
यह ट्रेन पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए यात्रा को और आसान बनाएगी। खासतौर पर धार्मिक यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत साबित होगी। बाबा बैद्यनाथ धाम से काशी विश्वनाथ तक की यात्रा अब और भी सुगम हो गई है। पहले जहां यात्रियों को सीमित विकल्प मिलते थे, अब उन्हें सीधी और आधुनिक ट्रेन का लाभ मिलेगा।
धार्मिक और व्यावसायिक महत्व
इस ट्रेन के शुरू होने से एक ओर देवघर और बनारस जैसी धार्मिक नगरी सीधे जुड़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर कोलकाता जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्र तक पहुंचने के लिए देवघर के व्यापारियों को सुविधाजनक रेल संपर्क मिल गया है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी और यात्रियों का समय बचेगा।
स्थानीय उत्साह
जसीडीह स्टेशन पर ट्रेन के आगमन के समय स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उनका कहना है कि इस ट्रेन से न केवल धार्मिक यात्राएं आसान होंगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उद्घाटन समारोह को और भी खास बना दिया।
निष्कर्ष
सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा का नया अध्याय है। यह ट्रेन धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन चार राज्यों को जोड़ते हुए देशवासियों के सफर को और आरामदायक बनाएगी।


