ईरान में लगातार सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज़ी पकड़ रहे हैं। राजधानी तेहरान से शुरू होकर पूरे देश में फैल चुके इन प्रदर्शनों में नागरिक बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ सड़क पर उतर रहे हैं।
ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इन हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 648 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए हैं।
विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय नेताओं का अनुमान है कि इन प्रदर्शनों के चलते तेहरान में इस्लामिक सरकार पर तख्तापलट का खतरा बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान में सत्ता परिवर्तन होने पर तेल बाजार, क्षेत्रीय सुरक्षा, अमेरिका और यूरोप के साथ संबंध और मध्यपूर्व की स्थिरता पर असर देखने को मिल सकता है। इस्लामिक गणराज्य में राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक आर्थिक नीतियों और ऊर्जा कीमतों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

