पिछले वर्ष जिला पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ व्यापक और सुनियोजित अभियान चलाते हुए कानून-व्यवस्था पर सख्ती दिखाई। इस विशेष अभियान के तहत अलग-अलग आपराधिक मामलों में शामिल कुल 1044 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 258 आरोपी जघन्य अपराधों में संलिप्त पाए गए।
डीसीपी डी. शरद भास्कर के अनुसार, पुलिस की सक्रिय रणनीति, प्रभावी पेट्रोलिंग और लगातार निगरानी का सीधा असर जिले के अपराध ग्राफ पर पड़ा है। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जघन्य अपराधों के मामलों में 64 की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि फील्ड लेवल पर बेहतर पुलिसिंग और अपराध रोकथाम की ठोस योजनाओं के कारण संभव हो सकी।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में जिले में जघन्य अपराधों के 322 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 258 रह गई। इसी तरह सड़क अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। झपटमारी की घटनाओं में 171 मामलों की कमी दर्ज की गई है।
इसके अलावा, वाहन चोरी के मामलों में 606 की गिरावट आई है, जबकि घरों और दुकानों में चोरी की घटनाओं में 309 मामलों की कमी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने, तकनीकी निगरानी और अपराधियों की समय रहते धरपकड़ से यह सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में भी अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा सके।

