सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्टर सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपित वकील गौतम खेतान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। खेतान ने मनी लांड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की कुछ धाराओं, विशेषकर धारा 44(1)(सी) की वैधता पर सवाल उठाया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची की पीठ ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि मैं अमीर हूं, मैं कानून की वैधता को चुनौती दूंगा… यह प्रथा बंद होनी चाहिए।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अमीरी या सामाजिक स्थिति के आधार पर कानून को चुनौती देना स्वीकार्य नहीं है।
इस निर्णय से पीएमएलए की वैधता पर चल रही कानूनी बहस में अहम रुख सामने आया है और गौतम खेतान की चुनौती खारिज हो गई।

