कलान-मिर्जापुर में बंदरों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत

2.6kViews
1531 Shares

कलान और मिर्जापुर में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि लोग आंगन में बैठने और छतों पर जाने से डरने लगे हैं। कभी भी बंदरों का झुंड हमला कर सकता है और किसी को अकेला पाकर काट भी सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति खतरनाक बनी हुई है।

एक दिन पहले कलान के छिदकुरी निवासी रामवीर की पत्नी जमुना देवी छत पर कपड़े सुखाने गई थीं, तब बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। बचने के प्रयास में वह सड़क पर गिर गईं और उनकी मौत हो गई।

यह घटना इस क्षेत्र में बंदरों के हमलों की पहली घटना नहीं है। कलान में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बंदरों ने कई बार लोगों पर हमला किया है। छिदकुरी के प्रधान धर्मवीर ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या बढ़ चुकी है और ये अक्सर आए-जाए लोगों पर हमला कर देते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश जारी किया है कि आबादी वाले क्षेत्रों से बंदरों को जंगल में छोड़ा जाए, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो बंदरों के हमले और जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ता जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *