सब-डिवीजन नियम से निगम और नागरिक दोनों परेशान, छोटे प्लाट मालिक भटक रहे
नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी आईडी में सब-डिवीजन का नियम लागू करने के बाद नागरिकों और निगम दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छोटे प्लाट खरीदने वाले लोग टैक्स जमा करवाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सब-डिवीजन न होने के कारण उनकी प्रॉपर्टी आईडी तैयार नहीं हो पा रही, जिससे टैक्स जमा नहीं हो पा रहा और निगम को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जनवरी माह में आयोजित मीटिंग में पार्षदों ने इस मुद्दे को उठाया। उनका कहना है कि नागरिकों और निगम दोनों की सुविधा के लिए सब-डिवीजन नियम में राहत दी जानी चाहिए।
नवंबर माह में यह नियम लागू किया गया था, लेकिन अब तक केवल सात जोन में छोटे प्लाट की एक-एक प्रॉपर्टी आईडी तैयार हो पाई है। पार्षदों का आरोप है कि निगम अधिकारी लोगों की समस्याओं पर संज्ञान लेने को भी तैयार नहीं हैं, जिससे जनता को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

