वाराणसी में फर्जी ई-वे बिल से 3.41 लाख कफ सीरप की तस्करी मामले में दो गिरफ्तार

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कफ सीरप तस्करी के एक मामले में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की टीम ने दो आरोपितों प्रतीक कुमार और धर्मेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने कफ सीरप तस्करी के गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोलानाथ जायसवाल के साथ मिलकर फर्जी और कूटरचित जीएसटी इनवाइस/ई-वे बिल बनाकर 3.41 लाख शीशियां खपाईं।

प्रतीक की फर्म शिल्पी फार्मा ने कफ सीरप की 1.41 लाख शीशियां रांची स्थित भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स से खरीदीं, जिन्हें लगभग 2.18 करोड़ रुपये में बेचा गया। इसी प्रकार, धर्मेंद्र अग्रवाल की फर्म लोकेश फार्मा ने शैली ट्रेडर्स से 1.99 लाख शीशियां खरीदीं और इन्हें लगभग 3.08 करोड़ रुपये में बेचा गया। दोनों फर्मों ने मिलकर 5.27 करोड़ रुपये की 3.41 लाख कफ सीरप की शीशियां बेचने के लिए फर्जी ई-वे बिल तैयार किए।

कोतवाल दयाशंकर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपितों को सोमवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि शुभम जायसवाल उनकी फर्मों के नाम से हुई बिलिंग के कफ सीरप को दस गुना अधिक कीमत पर बेचता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी फर्में केवल कागजों पर थीं और वास्तविकता में कोई व्यापार नहीं कर रही थीं।

इस मामले में पुलिस ने तस्करी के गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। वाराणसी पुलिस ने इस कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने कफ सीरप की तस्करी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों की सूचना तुरंत दें ताकि तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।वाराणसी पुलिस ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वह अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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