यूपी में ओटीएस योजना ने मिटाया बिजली चोरी का दाग, दो लाख के बिल पर देने पड़े मात्र एक लाख रुपये

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के बिजली बिल राहत योजना (ओटीएस) उपभोक्ताओं के चेहरे पर मुस्कान ला रही है। योजना का लाभ लेकर कोई बिजली चोरी का दाग मिटा रहा, तो कोई लाखों का बिजली बिल चुकता कर निहाल हो गया।

योजना के तहत अब तक 30 हजार बड़े बकायेदारों ने रजिस्ट्रेशन कराकर बकाया से मुक्ति ले ली। एक हजार उपभोक्ताओं ने बिजली चोरी का जुर्माना जमाकर चोरी का दाग मिटा लिया। वहीं पावर कारपोरेशन ने एक झटके में 41 करोड़ रुपये राजस्व जमा कराने सफल हुआ है।

उपभोक्ताओं को ओटीएस ने बिजली चोरी के मुकदमे समेत लाखों के जुर्माने से मुक्ति मिल गई। ब्याज 100 प्रतिशत व मूलधन में 25 प्रतिशत माफ योजना के प्रथम चरण का अब 31 दिसंबर को समापन और दूसरा चरण शुरू होगा। योजना का लाभ लेने को अकबरपुर डिवीजन में सोमवार को बड़ी संख्या में बिजली बिल चुकता करने के लिए पहुंचे।

उपभोक्ताओं को मिला सुकून

दोपहर एक बजे बिजली चोरी का जुर्माना जमा करके चेहरे पर मुस्कान लिए गेट पर खड़े बर्धाभिउरा गांव के ओम प्रकाश ने कहा कि विजिलेंस टीम गत वर्ष बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। 40 हजार का जुर्माना लगा था। योजना के तहत 21 हजार में चोरी का दाग मिट गया।मुकदमे से जेल जाने का डर बना था, लेकिन अब राहत की सांस ली।

नरेंद्र कुमार कुमार कहते हैं कि चोरी की मुकदमे में 39 हजार का जुर्माना लगा था, पुलिस विभाग ने दो बार नोटिस भेजी थी जेल जाने के लिए धमकी भी मिली थी और घर की बत्ती भी गुल हो गई थी। उसे समय जुर्माना भरने के लिए पूंजी नहीं थी। तभी सरकार की योजना योजना आई, अब 19 हजार में चोरी जुर्माना भर के चोरी का मुकदमा समाप्त हुआ।

बैरामपुर बरवां के प्रेम नारायण 22 हजार बिल बकाया हुआ था, अधिकारी कई बार घर की बत्ती गुल करने के लिए पहुंचे थे, गांव में बिजली चेकिंग टीम आई थी बत्ती गुल और केबल कटने का डर बना रहता था। अब 11 हजार रुपये में संपूर्ण बिल चुकता हो गया।

अकबरपुर के सुरेश कहते हैं कि डेढ़ लाख रुपये बिजली चोरी का जुर्माना 75 हजार रुपये में समाप्त हुआ।

महरुआ के संजय वर्मा उन्होंने बताया कि 1991 से एक बिजली बिल नहीं जमा किए थे। दो लाख बिजली बिल हुआ था, पांच बार नोटिस मिली थी बिजली चोरी मुकदमा तथा केबल कटने की धमकी दी गई थी, लेकिन अब सरकार की योजना में 80 हजार रुपए की छूट मिली। एक लाख में विभाग का पूरा हिसाब करके कर्ज मुक्त हो गए हैं।

अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा रहा है। इसके लिए विभाग के अतिरिक्त काउंटर तथा गांव में भी शिविर लगाया जा रहा।

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