क्रूरता की हद पार! 10 हजार के लिए युवक को मारी गोली, फिर आरी से तीन टुकड़ों में काटा शरीर 

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 बिहार के नाथनगर इलाके में बदमाशों ने क्रूरता की हद पार कर दी। तीन दिनों से गायब मसकन बरारीपुर निवासी संतोष के भांजे अभिषेक को पहले जांच में गोली मारी, फिर इलेक्ट्रानिक आरी (हेक्सा ब्लेड) से उसके शरीर को तीन टुकड़ों में काट डाला।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित राधे और ऋतिक को मिर्जापुर दोगच्छी और आयुष कुमार को मासूमगंज से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद शनिवार सुबह नौ बजे से ही मृतक के स्वजन आरोपित को हिरासत से निकालने की बात को लेकर हंगामा कर रहे हैं

पुलिस और स्वजन के बीच कई बार झड़प की स्थिति उत्पन्न हुई। ललमटिया और मधुसूदनपुर थानेदार ने मौके पर पहुंच कर किसी तरह मामले को शांत कराया है, लेकिन हर दस मिनट के बाद स्वजन आक्रोशित हो जाते हैं। यह सिलसिला लगभग तीन घंटे से चल रहा है।

राधे और ऋतिक की निशानदेही पर शुक्रवार की शाम राघोपुर पंचायत के शाहपुर पुलिया पास से प्लास्टिक के बोरे में बंद शव बरामद किया गया। अब तक युवक का सिर और पैर नहीं मिला है। पुलिस उसे बरामद करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने बताया कि मृतक के दोनों हाथों को को लैलून की मोटी रस्सी से बांधकर जैकेट की चेन लगाकर सील कर दिया गया था। तीनों ने वारदात को अंजाम देने से पूर्व ड्रग्स का सेवन किया था।

सिर और पैर को गंगा की धार में फेंका

आरोपितों ने पुलिस को बताया कि मृतक के सिर और दोनों पैरों को गंगा की धार में फेंक दिया था। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। रात करीब आठ बजे पुलिस शव लेकर थाना पहुंची और वहां से सीधे पोस्टमार्टम हाउस ले गई। पुलिस को आशंका थी अगर अधिक देर तक थाना में बाडी को रखा जाता भीड़ उग्र हो सकती थी।

मोबाइल किस्त को लेकर हुआ था विवाद!

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर टोटो चालक राधे और ऋतिक को मिर्जापुर से शुक्रवार की दोपहर गिरफ्तार किया और उनसे सघन पूछताछ की। दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया और पूरी घटना बता दी। घटना का कारण मोबाइल को लोन पर दिलाना बताया जा रहा है।

दरअसल, राधे और ऋतिक, अभिषेक के मामा संतोष के यहां काम करते थे। दोनों टोटो से कपड़ा लाया-पहुंचाया करते थे। संतोष बुनकर हैं और उनका कपड़े का कारोबार है। अभिषेक ने उन दोनों में से किसी एक को अपनी गारंटी पर 20 हजार रुपये का मोबाइल दिलाया था। कुछ दिन पहले किस्त जमा करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।

इसके बाद राधे या ऋतिक ने 10 हजार रुपया दिया था। बकाया 10 हजार देने को लेकर चार दिन पहले इन लोगों के बीच विवाद हुआ। जिसके बाद इस कांड को अंजाम दिया गया। हालांकि यह कहानी किसी को पच नहीं रही है।

पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। मृतक के मामा संतोष ने फोन पर बताया कि मामूली बात को लेकर कोई कैसे इस तरह के कांड को अंजाम दे सकता है। उन्होंने कांड में कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई है। अभिषेक को रन्नुचकर में काटकर उसके शव को दूसरी जगह फेंकने की बात कही जा रही है।

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