एक्सप्रेस-वे लिए सर्वे करने पहुंची टीम के कार्यों को देख लोगों की उम्मीदाें को पंख लग गए। सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे इटवा तहसील के विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी। ये न केवल पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी से जोड़ेगी बल्कि जनपद सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील क्षेत्र के लिए समृद्ध का द्वार खोलेगी। करीब 700 किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा इटवा तहसील क्षेत्र के गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों में उत्साह है।
प्रस्तावित मार्ग के संबंध में बताया जा रहा है कि बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की जमीनें इस परियोजना में जा सकती हैं। मंगलवार को इटवा तहसील के विकास खण्ड खुनियांव के पेंदा नानकार ”खुरहुरबन्दी, दुफेड़िया गांव के सिवान में सर्वे करते कर्मचारी नजर आए। उनका कहना है कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए अभी प्राथमिक स्तर पर सर्वे किया जा रहा है। आगे की जानकारी उच्चाधिकारी ही बता पाएंगे।
पूर्व मंत्री ने क्या कहा?
पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि एक्सप्रेस-वे बनने से यह क्षेत्र न केवल देश की राजधानी से सीधा जुड़ जाएगा, बल्कि क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी होगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे शहरीकरण होने के साथ ही साथ रेस्टोरेंट, होटल, वेयरहाउस और गैरेज जैसे व्यवसायों का विस्तार और रोजगार सृजन भी होगा।

