आगरा में बेसमेंट की दीवार गिरी तो ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, हाथ से मिट्टी हटाई… साहस से बचीं 5 जानें

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 थाना क्षेत्र के गांव बिजकौली में रविवार को दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। मकान निर्माण के दौरान बनाए गए बेसमेंट की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई।

दीवार के सहारे बैठे अलाव से हाथ सेंक रहे सात ग्रामीण मलबे में दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गांव निवासी जोध सिंह अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। मकान के नीचे बनाए गए बेसमेंट की दीवारों के बीच खाली स्थान में मिट्टी की भराई कर उसमें पानी छोड़ दिया गया था।

इसी दौरान दीवार के सहारे अलाव तापते हुए बैठे उत्तम सिंह (50) पुत्र आसाराम, धर्मेंद्र सिंह (42) पुत्र नाथूराम, सुनील कुमार (38) पुत्र दूरबीन सिंह, हीरालाल (60) पुत्र नंदराम, रामेंद्र सिंह (58) पुत्र वेद सिंह, कल्लू (32) पुत्र राम खिलाड़ी और योगेश (45) पुत्र राजबहादुर अचानक गिरी दीवार के मलबे में दब गए।

हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अद्भुत साहस और मानवता का परिचय दिया। ओमपाल, नीरज, रोहित, शिवम, गौरव, आशाराम, अखयराम, अजीत, हिमांशु, भोला, मोहित सहित दर्जनों ग्रामीण जान की परवाह किए बिना मलबे में कूद पड़े। हाथों से ईंट-पत्थर हटाकर करीब आधे घंटे में सभी घायलों को बाहर निकाला गया। यदि यह तत्परता न दिखाई जाती तो जनहानि और भी बढ़ सकती थी।

सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में आगरा रेफर किया गया। आगरा ले जाते समय हीरालाल और योगेश ने दम तोड़ दिया। दो मौतों की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया।

हीरालाल के दो शादीशुदा पुत्र—राजू (35) ड्राइवर और सोनू (30) निजी नौकरी में हैं। पत्नी शीला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं योगेश की पत्नी बबली देवी और उनके तीन बच्चे—सनी (24), रोहित (18) व नेहा (16) पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों घरों में दहशत, शोक और सन्नाटा पसरा है।

सूचना पर उपजिलाधिकारी संतोष कुमार शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव शर्मा तथा बटेश्वर चौकी प्रभारी इंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल बाद में पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचे।

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