2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब नोटबंदी लागू की तो उसका बड़ा खामियाजा माओवादियों को उठाना पड़ा। नोटबंदी ने उनकी अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया था।
समर्पण करने वाले माओवादियों ने पुलिस पूछताछ में अपने वित्तीय नेटवर्क की परतें खोली हैं। साथ ही स्वीकारा है कि नोटबंदी के बाद से आज तक उनकी वित्तीय स्थिति कभी नहीं संभल पाई। बालाघाट पुलिस की सख्ती ने भी माओवादियों की जबरन वसूली पर अंकुश लगा दिया था। वे तेंदूपत्ता फड़ ठेकेदार या रोड निर्माण के ठेकेदारों से उगाही नहीं कर पाए।

