HPZ Token Scam: सीबीआई ने 2 चीनी नागरिकों के खिलाफ दायर की चार्जशीट, 1000 करोड़ की ठगी का आरोप

2.1kViews
1905 Shares

 सीबीआई ने एचपीजेड टोकन निवेश धोखाधड़ी मामले में दो चीनी नागरिकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस इस धोखाधड़ी मामले में कोरोना काल के दौरान फर्जी कंपनियों के जरिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया गया।

सीबीआई का आरोप है कि चीनी स्वामित्व और नियंत्रण वाली शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने एचपीजेड टोकन नामक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए कोडिव काल में कथित तौर पर जनता को धोखा दिया। इस दौरान कंपनी द्वारा दावा किया गया था कि इसका इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के लिए किया जाएगा और इससे बहुत अधिक मुनाफा होगा।

1000 करोड़ से अधिक का गबन

सीबीआई ने जिन दो चीनी नागरिकों के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है, वे कथित तौर पर एचपीजेड टोकन निवेश धोखाधड़ी मामले के मास्टरमाइंड थे। इसने कोविड के दौरान फर्जी कंपनियों के माध्यम से 1000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का गबन किया गया था।

सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी। बल्कि यह विदेशी नागरिकों द्वारा संचालित एक बड़े, सुनियोजित साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था।

भारतीय नागरिकों को बनाता था निशाना

यह गिरोह कोविड के समय भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर कई साइबर घोटालों के लिए जिम्मेदार था, जिनमें लोन ऐप, फर्जी निवेश ऐप और फर्जी ऑनलाइन नौकरी के ऑफर देने वाले प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, वान जून और ली आनमिंग कंपनी और बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए भारत आए थे। इसके बाद वे देश छोड़कर चले गए और विदेश से ही कंपनी का संचालन करते रहें। दोनों ने कभी भी जांच में सहयोग नहीं किया और फरार रहे।

27 आरोपी बेनकाब

सीबीआई ने जांच के दौरान उस वक्त स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए छह लोगों – डोर्त्से, रजनी कोहली, सुशांत बेहरा, अभिषेक, मोहम्मद इमधाद हुसैन और रजत जैन को गिरफ्तार किया।

जांच में एक विशाल और जटिल ऑपरेशन का खुलासा हुआ, जिसमें सभी 27 आरोपी बेनकाब हो गए। अब सीबीआई ने दो चीनी नागरिकों और 27 अन्य व्यक्तियों सहित 30 संस्थाओं के साथ-साथ तीन कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *