भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के झारखंड दौरे के क्या मायने? सियासी या सिर्फ देवघर कार्यालय उद्घाटन

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कड़ाके की ठंड के बीच झारखंड की सियासत इन दिनों बेहद गर्म है। सत्ताधारी झामुमो और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर जोरदार चर्चाएं चल रही हैं।

राजनीतिक गलियारों में यहां तक अटकलें लगाई जा रही हैं कि हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बने रहने के साथ भाजपा का उपमुख्यमंत्री और केंद्र में कल्पना सोरेन को मंत्री पद मिल सकता है। हालांकि झामुमो ने एक्स पर “झारखंड झुकेगा नहीं” लिखकर इन अटकलों को खारिज कर दिया है, वहीं भाजपा भी अफवाहों को बेतुका बता रही है।

इसी सियासी सरगर्मी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय देवघर दौरा राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़ा कर रहा है-क्या यह महज कार्यालय उद्घाटन का कार्यक्रम है या इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक संदेश?

कोर कमेटी के सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक

नड्डा शुक्रवार की देर शाम देवघर पहुंचेंगे। हवाईअड्डे से वे सीधे परिसदन जाएंगे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। इसी दौरान उनकी प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के सदस्यों (डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कर्मवीर सिंह, बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास, रवींद्र राय, आदित्य साहू और दीपक प्रकाश) के साथ ही झारखंड प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है।

माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने की रणनीति और आगामी नगर निकाय चुनाव की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा होगी।

शनिवार की सुबह नड्डा बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे और पंडा समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। वह पंडा धर्मरक्षिणी सभा तथा मंदिर के सरदार पंडा से भी भेंट कर उन्हें सम्मानित करेंगे।

इसके बाद नड्डा देवघर में बने भाजपा के नवनिर्मित भव्य जिला कार्यालय का उद्घाटन करेंगे, साथ ही गुमला कार्यालय का आनलाइन उद्घाटन भी करेंगे। दोपहर में वे देवघर जिले के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे, जिसे संताल परगना में भाजपा के जनाधार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देवघर एम्स का करेंगे दौरा

देश के स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते नड्डा देवघर एम्स का भी निरीक्षण करेंगे। वे वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

दूसरी ओर, प्रदेश में चल रही राजनीतिक अटकलें जनता को उलझन में डाल रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर गठबंधन की कथित ‘भूमिका-तय’ पोस्टों ने सियासी तापमान और बढ़ाया है। झामुमो और भाजपा दोनों ही इन खबरों को अफवाह बताते हुए एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

कोई सियासी मतलब नहीं

भाजपा प्रदेश मंत्री गणेश मिश्र ने स्पष्ट किया कि नड्डा के दौरे का किसी भी छिपे राजनीतिक एजेंडे से लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का उद्देश्य देवघर व गुमला कार्यालयों का उद्घाटन और बूथ कार्यकर्ताओं से जुड़ना है। इससे अलग कोई राजनीतिक मतलब निकालना उचित नहीं है।

हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में नड्डा का यह दौरा भाजपा के लिए संगठनात्मक मजबूती और संताल परगना में राजनीतिक पैठ बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, ऐसे में हर गतिविधि को सियासी चश्मे से देखा जा रहा है। नड्डा का यह दौरा आगे क्या संकेत देगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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