मंडला में 2 करोड़ से अधिक की ज्वेलरी लूट का सनसनीखेज खुलासा, तीन आरोपी बिहार से गिरफ्तार — मास्टरमाइंड मो. खालिद पकड़ा गया
मंडला। कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा स्थित आयुषी ज्वेलर्स में 20 नवंबर की शाम हुई 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सोना–चांदी लूटकांड का मंडला पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। अंतर्राज्यीय गैंग शामिल इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर बदमाशों को मध्यप्रदेश और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गुरुवार देर रात मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया। इसमें मुख्य सरगना बरूराज थाना अंतर्गत रामपुरवा अखाड़ा निवासी मो. खालिद, उसके सहयोगी शशि कुमार (सदर थाना क्षेत्र अतरदह वार्ड 31) और कृष्णा कुमार सिंह (ग्यासपुर, पारू थाना) शामिल हैं। पुलिस ने मास्टरमाइंड की कार और तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल सुराग खंगालने शुरू कर दिए हैं।
कोतवाली थाना मंडला के आईओ एवं उपनिरीक्षक शफ़ीक खान ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांज़िट रिमांड पर लेने हेतु न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया।
व्यवसायी को गोली मारकर लूटी ज्वेलरी
घटना 20 नवंबर की शाम करीब 7.15 बजे हुई थी। कर्मचारी बॉबी यादव दुकान का सोना–चांदी से भरा बैग कार में रख रहा था, तभी हथियारबंद बदमाशों ने बैग छीन लिया। इसी दौरान एक आरोपी दुकान के अंदर घुसा और व्यवसायी आयुष सोनी से ज़ेवर निकालने को कहा। विरोध करने पर बदमाशों ने आयुष के पैर में गोली मार दी और लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल आयुष का उपचार अस्पताल में जारी है।
कृष्णा ने चलाई थी गोली, 17 नवंबर से मंडला में कर रहे थे रेकी
पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है। पारू के ग्यासपुर निवासी कृष्णा कुमार सिंह ने कबूला कि उसी ने गोली चलाई थी। आरोपियों ने बताया कि मो. खालिद को मंडला की ज्वेलरी दुकान में 2 से 2.5 किलो सोना होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उसने लूट की साजिश रची। 17 नवंबर को तीनों मंडला पहुंचे और यहां स्थानीय शातिर पंकज ठाकुर, लक्कुश, शनि और अजहर सहित अन्य साथियों से मुलाकात कर योजना को अंतिम रूप दिया।
सीसीटीवी और टोल प्लाजा फुटेज ने खोल दी गाँठ
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल टावर डंप का विश्लेषण कर दो संदिग्ध कारों की पहचान की थी। टोल प्लाजा के रिकॉर्ड से कार मालिकों तक पहुँची टीम सीधे मास्टरमाइंड खालिद के ठिकाने तक जा पहुँची। उसकी गिरफ्तारी के बाद शशि और कृष्णा की लोकेशन व पहचान भी पुख्ता हो गई।
लूटे गए आभूषणों की तलाश जारी
पुलिस ने खुलासा किया कि घटना में शामिल अन्य स्थानीय सहयोगियों की भी भूमिका जांच के दायरे में है। सोना–चांदी की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है। पुलिस को विश्वास है कि जल्द ही लूटे गए आभूषण और अन्य अहम सुराग बरामद कर पूरे गिरोह को बेनकाब किया जाएगा।
मंडला से अशोक मिश्रा की रिपोर्ट

