जैश का ऑपरेशन हब बन रहा इंडियन मुजाहिदीन का बंद पड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, IB की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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 इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की अक्टूबर, 2025 की एक रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसमें कहा गया था कि एक दशक पहले काफी हद तक खत्म कर दिए गए इंडियन मुजाहिदीन के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद और इस्लामिक स्टेट (आइएस) कर रहे हैं।

माना जा रहा है कि इसका लाल किला विस्फोट से संबंध हो सकता है जिसमें 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इंडियन मुजाहिदीन का शीर्ष आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद भले ही यह संगठन खत्म हो गया हो, लेकिन एजेंसियों ने हमेशा ही इस बात को लेकर आशंका जताई थी कि इस आतंकी संगठन के बंद हो चुके माड्यूल का इस्तेमाल दूसरे संगठन कर सकते हैं।

कई गुर्गे हुए अंडरग्राउंड

लाल किला विस्फोट की जांच आगे बढ़ने के साथ ही सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद, जो फरीदाबाद माड्यूल चलाता था, इंडियन मुजाहिदीन के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकता है जो 10 साल से ज्यादा समय से काफी हद तक बंद पड़ा है।

हालांकि इंडियन मुजाहिदीन और फरीदाबाद माड्यूल के बीच अभी तक कोई सीधा संबंध नहीं मिला है, लेकिन जांच अधिकारियों को शक है कि जैश-ए-मोहम्मद ने हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए इस बंद हो चुके संगठन के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया होगा। भटकल और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद इंडियन मुजाहिदीन के कई गुर्गे अंडरग्राउंड हो गए।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि वे अभी भी घूम रहे हैं और सिस्टम के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। जहां कुछ ने चुप्पी साध रखी है, वहीं कुछ ने आतंकी संगठनों से हाथ मिला लिया है। उदाहरण के लिए, इंडियन मुजाहिदीन का एक पूर्व गुर्गा शफी अरमार अपने संगठन के खत्म होने के बाद सीरिया में इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गया। वह एक हवाई हमले में मारा गया।

इसके बाद उसकी पत्नी राबिया उर्फ उम्म ओसामा, जो कथित तौर पर ओमान में रहती है, भारत में गतिविधियां चला रही थी। महाराष्ट्र एटीएस ने जांच के दौरान पाया कि वह सक्रिय रूप से युवाओं को भर्ती कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन शायद भारत के सबसे खतरनाक घरेलू संगठनों में से एक था।

कितना विस्फोटक किया गया जब्त?

अपने आतंक के राज के दौरान इसने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क बनाया। यह दक्षिण भारत, उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे ज्यादा सक्रिय था। इसने देश के इन हिस्सों में जो माड्यूल बनाए थे, वे कहीं भी हमला करने में सक्षम थे। दिल्ली विस्फोट की जांच अब उन रास्तों पर केंद्रित है जिनसे आरोपित अमोनियम नाइट्रेट खरीदने गए थे। फरीदाबाद माड्यूल का हिस्सा रहे आरोपितों से लगभग 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया था।

एजेंसियों के रडार पर अब इंडियन मुजाहिदीन का एक पूर्व गुर्गा मिर्जा शाहदाब बेग है। इस संगठन पर कार्रवाई के दौरान बेग देश छोड़कर सऊदी अरब में बस गया। एजेंसियों को अब शक है कि वह अफगानिस्तान में है और वहां जैश-ए-मोहम्मद माड्यूल के लिए काम कर रहा है।

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