क्या ज्यादा प्रोटीन खाने से भी बढ़ सकता है यूरिक एसिड? इन 5 लक्षणों से कर सकते हैं इसकी पहचान

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 आजकल फिटनेस और हेल्थ का ट्रेंड बढ़ने के साथ, हाई-प्रोटीन डाइट लेना एक आम बात हो गई है। जिम जाने वाले लोग, बॉडीबिल्डर या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग अक्सर अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देते हैं। प्रोटीन सेहत के लिए काफी जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी ज्यादा मात्रा यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा (High Uric Acid and Protein Intake) सकती है?

जी हां, ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जिसके कारण गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानें कैसे ज्यादा प्रोटीन खाने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है और इसकी पहचान किन लक्षणों (High Uric Acid Symptoms) से कर सकते हैं।

प्रोटीन कैसे यूरिक एसिड बढ़ा सकता है?

दरअसल, यूरिक एसिड हमारे शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनता है। कुछ फूड्स खासकर हाई-प्रोटीन फूड्स, प्यूरीन से भरपूर होते हैं। जब आप इन्हें ज्यादा मात्रा में खाते हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ जाता है।

  • एनिमल-बेस्ड प्रोटीन- रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी फूड्स और कुछ तरह की मछलियों में प्यूरीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है
  • प्लांट-बेस्ड प्रोटीन- दालें, राजमा, छोले, पालक, मशरूम आदि में भी प्यूरीन होता है, लेकिन आमतौर पर ये एनिमल प्रोटीन की तुलना में कम जोखिम पैदा करते हैं।
इसलिए प्रोटीन को सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करें, खासकर मीट और सी फूड्स को। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने से शरीर में प्यूरिन बढ़ता है, जिसके कारण यूरिक एसिड बढ़ सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

  • जोड़ों में तेज दर्द और सूजन- यह सबसे आम लक्षण है। अक्सर यह दर्द रात के समय या सुबह उठते वक्त अचानक शुरू होता है। यह आमतौर पर पैर के अंगूठे के जोड़ में होता है, लेकिन यह टखनों, घुटनों, एड़ियों, कलाइयों और उंगलियों में भी हो सकता है। प्रभावित जॉइन्ट लाल, सूजा हुआ और छूने पर बेहद गर्म महसूस हो सकता है।
  • जोड़ों में अकड़न- बढ़े हुए यूरिक एसिड की वजह से जोड़ों की मूवमेंट प्रभावित हो सकती है। उन्हें हिलाने-डुलाने में तकलीफ हो सकती है और अकड़न महसूस हो सकती है।
  • त्वचा में खुजली और चकत्ते- जब यूरिक एसिड क्रिस्टल त्वचा के नीचे जमा हो जाते हैं, तो इन्हें टोफी कहा जाता है। ये सफेद या मोती जैसे दाने या गांठ की तरह दिख सकते हैं, जो आमतौर पर उंगलियों, कानों, कोहनी या घुटनों पर बनते हैं। इनके आसपास की त्वचा में खुजली और जलन हो सकती है।
  • थकान और बेचैनी- शरीर में चल रही सूजन और दर्द की वजह से व्यक्ति को असामान्य थकान और बेचैनी महसूस हो सकती है।
  • किडनी से जुड़ी समस्याएं- ज्यादा यूरिक एसिड किडनी पर भी बुरा असर डाल सकता है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें पीठ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून आना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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