रिटर्न के मामले में सोने-चांदी को पीछे छोड़ सकती है लाल धातु, अनिल अग्रवाल ने भी बताया इसे नया युग

3.0kViews
1369 Shares

इन दिनों कॉपर की चर्चा तेजी से बढ़ रही है। कई विशेषज्ञ इसे भविष्य की धातु मान रहे हैं, जो आने वाले समय में रिटर्न के मामले में सोना और चांदी को पीछे छोड़ सकती है। अब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भी कॉपर को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने लाल धातु यानी कॉपर को नया युग बताया है।

अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि तांबे का प्राचीन भारत और मानव सभ्यता से गहरा संबंध रहा है। करीब 6000 साल पहले दुनिया की पहली महान सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी सभ्यता कॉपर एज (तांबे के युग) में ही फली-फूली। यह वह सभ्यता थी जब इंसान ने पहली बार इस लाल धातु का इस्तेमाल करना सीखा। उनका कहना है कि आज फिर वही समय लौट रहा है, क्योंकि आधुनिक तकनीकें बड़े पैमाने पर तांबे पर निर्भर होंगी।

उन्होंने बताया कि तांबा बिजली का बेहतरीन सुचालक है और आने वाले समय में ऊर्जा परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनलों और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में इसकी मांग और तेज होगी।

अनिल अग्रवाल का मानना है कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है। उनके अनुसार देश के पास मानव संसाधन, प्राकृतिक संसाधन और तकनीकी क्षमता है। इसी कारण भारत तांबे के उत्पादन और उपयोग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विशेषज्ञों की राय भी इसी दिशा में है। सीनियर एनालिस्ट सुजय यू ने कहा है कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में कॉपर की मांग इतनी बढ़ जाएगी कि यह रिटर्न के माम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *