मेरठ में शादी समारोह के बीच आजम खान का बड़ा खुलासा: मेरी माली हालत खराब, जेल और राजनीतिक दबाव का दर्द छलका!

2.5kViews
1606 Shares

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान बीते रविवार देर शाम मेरठ के किठौर क्षेत्र में एक शादी समारोह में शामिल हुए। समारोह में आने के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की और अपनी जेल यात्रा, आर्थिक परेशानियों और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे खुशियों में शरीक होने आए हैं, क्योंकि लंबे समय से उनके जीवन से ऐसी खुशियां दूर थीं।

जेल के अनुभव और कानूनी संघर्ष
आजम खान ने अपने जेल के दिनों को याद करते हुए कहा कि पिछली बार जब उनकी जमानत हो रही थी, तभी पुलिस ने नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें रिहा होने से रोकने की कोशिश की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई और इसे अदालत की अवमानना माना। कोर्ट ने विशेष कानून के तहत उन्हें तुरंत जमानत दी। इस बार भी उनके मामले में तीन नई धाराएं जोड़ दी गईं, ताकि वे जेल से बाहर न आ सकें, लेकिन सरकारी प्रयासों के बावजूद वे फिलहाल बाहर हैं।

बिहार चुनाव में प्रचार ना करने की वजह
बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार ना करने के सवाल पर आजम खान ने कहा कि वहां ‘जंगलराज’ जैसा माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री खुद इसे स्वीकार कर चुके हैं। ऐसे माहौल में अगर उन्हें कोई अनहोनी हो जाती, तो पार्टी और समर्थकों को नुकसान पहुंच सकता था। सुरक्षा वापस लेने के मामले पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय या किसी सरकारी प्रतिनिधि से सुरक्षा के बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली। ऐसे में वर्दीधारी और हथियारबंद लोग मेरी सुरक्षा के लिए हैं या किसी और मकसद से, यह कैसे मान लें?

आर्थिक तंगी का खुलासा
आजम खान ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया कि माली हालत बेहद खराब है। उन्होंने घर और प्लॉट बेचने के लिए विज्ञापन दिए, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। सुरक्षा स्वीकार करने पर खर्च वहन करने की क्षमता नहीं होने की वजह से इसे लौटाना पड़ा।

सपा नेतृत्व से मुलाकात पर संक्षिप्त टिप्पणी
समाजवादी पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी की, लेकिन विस्तार से कुछ नहीं कहा।

स्थानीय चर्चा का विषय बनी मौजूदगी
शादी समारोह में आजम खान की मौजूदगी ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। उनकी बातों से जेल की पीड़ा, राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत संघर्ष साफ झलक रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *