डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना जानलेवा साबित हो सकता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम आंकड़े भारत में ड्रग ओवरडोज (Drug Overdose) से होने वाली मौतों की एक डरावनी तस्वीर पेश करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में औसतन हर हफ्ते कम से कम 12 लोग ड्रग ओवरडोज के कारण दम तोड़ देते हैं जिसका मतलब है कि रोजाना लगभग दो मौतें होती हैं।
NCRB के चौंकाने वाले आंकड़े
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार 2019 से 2023 के बीच कुल 3,290 मौतें दवाओं के ओवरडोज से हुई हैं।
| वर्ष | ओवरडोज से मौतें |
| 2019 | 704 |
| 2020 | 514 (कोविड लॉकडाउन के कारण कमी) |
| 2021 | 737 |
| 2022 | 681 |
| 2023 | 654 |
| कुल (2019-2023) | 3,290 |
ध्यान दें: इन आंकड़ों में केवल वही मौतें शामिल हैं जिनकी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि कई मामलों की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाती है।
राज्यवार स्थिति: पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे आगे
ड्रग ओवरडोज से मौतों के मामले में राज्यों की स्थिति चिंताजनक है। तमिलनाडु ने शुरुआती वर्षों में सबसे अधिक मौतें दर्ज कीं लेकिन 2023 में पंजाब ओवरडोज मौतों में सबसे आगे रहा।
| राज्य | 2019 में मौतें | 2023 में मौतें |
| तमिलनाडु | 108 | 65 (2021 में 250 तक पहुंची थी) |
| पंजाब | – | 89 (2022 में 144 थीं) |
| मध्य प्रदेश | – | 85 (2021 में 34 थीं) |
| राजस्थान | ~60 | 84 |
राजस्थान और मध्य प्रदेश भी लगातार ओवरडोज मौतों के मामलों में अपनी संख्या बढ़ा रहे हैं जो इन राज्यों में जागरूकता और नियंत्रण कार्यक्रमों की कमी को दर्शाता है।
नियंत्रण और जागरूकता की तत्काल आवश्यकता
ये रिपोर्ट देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा करती है। ड्रग ओवरडोज को रोकने के लिए बेहतर जागरूकता, प्रभावी इलाज और सख्त नियंत्रण की तत्काल आवश्यकता है। कई लोग डॉक्टर की सलाह के बिना या अत्यधिक मात्रा में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का उपयोग कर रहे हैं जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा है।

