नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में वायु गुणवत्ता की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए सेक्टर-143 में नया एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू किया जा रहा है। इसके चालू होने के बाद नोएडा में प्रदूषण की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी।
दरअसल, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही नोएडा और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगती है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक गतिविधियां हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। ऐसे में शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण की सही स्थिति जानना बेहद जरूरी हो जाता है।
सेक्टर-143 में शुरू होगा नया स्टेशन
जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-143 में स्थापित किए जा रहे इस आठवें एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन से इसी सप्ताह निगरानी शुरू होने की उम्मीद है। इसके जरिए इलाके में हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। साथ ही प्रदूषण के स्तर में होने वाले बदलावों का आंकड़ा भी उपलब्ध होगा।
AQI की निगरानी होगी और बेहतर
नए मॉनिटरिंग स्टेशन के शुरू होने से नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों की वायु गुणवत्ता से जुड़ा डेटा जुटाने में मदद मिलेगी। इससे यह समझना आसान होगा कि शहर के किस हिस्से में प्रदूषण का स्तर अधिक है और किन इलाकों में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI के माध्यम से हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के स्तर का आकलन किया जाता है। इसमें PM2.5, PM10 और अन्य प्रदूषकों की मात्रा को ध्यान में रखा जाता है। इस डेटा के आधार पर संबंधित विभाग प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं।
शहरवासियों को क्या होगा फायदा?
आठवें स्टेशन के शुरू होने से नोएडा में प्रदूषण की निगरानी का दायरा बढ़ेगा। खासकर सेक्टर-143 और आसपास के इलाकों के लोगों को स्थानीय स्तर पर वायु गुणवत्ता की जानकारी मिलने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को अपनी दिनचर्या और बाहर निकलने की योजना बनाने में भी आसानी हो सकती है।
हालांकि, केवल मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़ने से प्रदूषण अपने आप कम नहीं होगा। इसके लिए धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर रोक और निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, नोएडा के सेक्टर-143 में आठवें AQI मॉनिटरिंग स्टेशन की शुरुआत शहर में प्रदूषण पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। अब देखना होगा कि नया स्टेशन शुरू होने के बाद वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों और प्रदूषण नियंत्रण की कार्रवाई में कितना सुधार देखने को मिलता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

