प्रयोगशाला में उगाया गया ऑयस्टर मशरूम, अब इससे बनेंगे बिस्कुट और नमकीन; खाद्य उत्पादों में होगा इस्तेमाल
खाद्य पदार्थों की दुनिया में अब एक नया प्रयोग देखने को मिल रहा है। प्रयोगशाला में ऑयस्टर मशरूम उगाने में सफलता मिलने के बाद अब इससे बिस्कुट और नमकीन जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल से मशरूम को केवल सब्जी या पारंपरिक व्यंजन तक सीमित रखने के बजाय नए रूप में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
ऑयस्टर मशरूम अपनी पोषण संबंधी खूबियों के लिए जाना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि खाद्य अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञ अब इसका इस्तेमाल अलग-अलग खाद्य उत्पादों में करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
प्रयोगशाला में मशरूम उगाने की प्रक्रिया के जरिए इसकी गुणवत्ता और उत्पादन पर नियंत्रित परिस्थितियों में काम किया जा सकता है। अब अगला कदम इसे बिस्कुट और नमकीन जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में शामिल करना है।
अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो मशरूम आधारित खाद्य उत्पादों की नई श्रृंखला बाजार में देखने को मिल सकती है। इससे मशरूम की उपयोगिता बढ़ने के साथ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
खास बात यह है कि इस तरह के प्रयोग किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और नए उत्पाद तैयार करने वाले उद्यमियों के लिए भी संभावनाएं खोल सकते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रयोगशाला में तैयार ऑयस्टर मशरूम से बनने वाले बिस्कुट और नमकीन कब तक बाजार में उपलब्ध होंगे और उपभोक्ताओं को इनका स्वाद कितना पसंद आता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

