आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में फोन की सुरक्षा भी काफी जरूरी हो गई है। खासकर बारिश के मौसम में फोन भीगने या गलती से पानी में गिर जाने का डर बना रहता है। आपने अक्सर स्मार्टफोन के फीचर्स में IP67, IP68 या IP54 जैसी रेटिंग जरूर देखी होगी। कंपनियां इन रेटिंग के जरिए फोन की पानी और धूल से सुरक्षा के बारे में जानकारी देती हैं। लेकिन क्या IP रेटिंग वाला स्मार्टफोन सच में पानी में गिरने पर खराब नहीं होता? आइए समझते हैं इसका पूरा मतलब।
सबसे पहले जानते हैं IP रेटिंग क्या होती है। IP का पूरा नाम Ingress Protection है। यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जो बताता है कि कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस धूल और पानी जैसी बाहरी चीजों से कितना सुरक्षित है।
IP रेटिंग में आमतौर पर दो अंक होते हैं। पहला अंक धूल और ठोस कणों से सुरक्षा को दर्शाता है, जबकि दूसरा अंक पानी से सुरक्षा का स्तर बताता है।
IP67 रेटिंग का मतलब:
अगर किसी स्मार्टफोन पर IP67 रेटिंग दी गई है, तो इसका पहला अंक 6 बताता है कि डिवाइस धूल से पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं दूसरा अंक 7 बताता है कि निर्धारित लैब टेस्ट की शर्तों के तहत फोन को सीमित समय तक पानी में डुबोने से सुरक्षा मिल सकती है। आमतौर पर यह टेस्ट एक मीटर तक की गहराई में 30 मिनट के लिए किया जाता है।
IP68 रेटिंग का मतलब:
IP68 रेटिंग को IP67 से अलग स्तर की सुरक्षा माना जाता है। इसमें भी फोन धूल से पूरी तरह सुरक्षित होता है। वहीं पानी से सुरक्षा की गहराई और समय निर्माता कंपनी द्वारा तय किए गए परीक्षण मानकों पर निर्भर करता है। इसलिए हर IP68 स्मार्टफोन की पानी सहने की क्षमता एक जैसी नहीं होती।
IP54 रेटिंग का मतलब:
IP54 रेटिंग वाले स्मार्टफोन को सीमित स्तर पर धूल और पानी के छींटों से सुरक्षा मिलती है। इसका मतलब यह नहीं है कि फोन को पानी में डुबोया जा सकता है। ऐसे फोन बारिश या पानी के छींटों के संपर्क में आने पर भी जोखिम में हो सकते हैं।
क्या IP रेटिंग वाला फोन बारिश में खराब नहीं होगा?
इसका जवाब पूरी तरह हां नहीं है। IP रेटिंग का मतलब यह नहीं है कि आपका स्मार्टफोन हर परिस्थिति में वाटरप्रूफ है। यह केवल निर्धारित परिस्थितियों में किए गए परीक्षण के आधार पर सुरक्षा का स्तर बताती है।
इसके अलावा, समय के साथ फोन की सीलिंग कमजोर हो सकती है। गिरने, टूटने या मरम्मत के बाद फोन की पानी से सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। समुद्र का खारा पानी, साबुन वाला पानी और अन्य तरल पदार्थ भी स्मार्टफोन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
फोन पानी में भीग जाए तो क्या करें?
अगर आपका स्मार्टफोन बारिश में भीग जाता है या पानी के संपर्क में आ जाता है, तो सबसे पहले उसे सूखे कपड़े से साफ करें। फोन गीला होने पर चार्जिंग केबल न लगाएं। डिवाइस को पूरी तरह सूखने दें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करवाएं। फोन को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर या तेज गर्मी का इस्तेमाल न करें।
कुल मिलाकर, IP67 और IP68 जैसी रेटिंग स्मार्टफोन को धूल और पानी से अतिरिक्त सुरक्षा जरूर देती हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह वाटरप्रूफ होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए। नया स्मार्टफोन खरीदते समय IP रेटिंग के साथ कंपनी की आधिकारिक शर्तें भी जरूर पढ़ें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

