रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में फंसे उत्तर प्रदेश के एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक का आरोप है कि उसे युद्ध क्षेत्र में ऐसे हालात का सामना करना पड़ा, जहां जान का खतरा लगातार बना हुआ था।
युवक ने युद्ध के दौरान सामने आए भयावह हालात का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां सैनिकों के साथ बेहद मुश्किल परिस्थितियों में काम लिया जा रहा था। उसने रूस की सैन्य व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां उसे सेना के बजाय माफिया जैसा व्यवहार महसूस हुआ।
यूपी के इस युवक के मुताबिक, युद्ध क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण थे और वहां से सुरक्षित निकलना आसान नहीं था। उसने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसे लंबे समय तक अनिश्चितता और डर के माहौल में रहना पड़ा।
युद्ध के बीच विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस मामले में युवक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले के अन्य पहलुओं और संबंधित अधिकारियों के बयान से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

