शेयर बाजार में 30 अक्टूबर को तेजी के साथ कारोबार हो रहा है लेकिन इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों (Equitas SFB Shares) में 15% की भारी गिरावट आ गई है। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में शेयर कुल 35% की गिरावट दर्ज की गई है। शेयरों में यह गिरावट एक अहम घटनाक्रम के चलते आई है। दरअसल, बैंक के लंबे समय से CEO रहे पी.एन. वासुदेवन ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। उनके इस्तीफे का कारण ‘हितों के टकराव’ से जुड़ी चिंताएं हैं, क्योंकि उनकी बेटी एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी चलाती हैं।
2 दिन में 35% से ज्यादा गिरे शेयर
इक्विटास एसएफबी के शेयर कल भी 12 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए थे और आज भी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। इन दिनों में यह स्टॉक 35 फीसदी तक टूट गया है। आज यह बैंक शेयर 49.20 रुपये पर खुला और 47.20 रुपये का निचला स्तर छू लिया।
वासुदेवन ने इस्तीफे में क्या कहा?
वासुदेवन की बेटी, वर्षिनी वासुदेवन पाथांगी ने 2023 में ‘यूनिको हाउसिंग फाइनेंस’ की स्थापना की, जो एक अनलिस्टेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है। वासुदेवन ने अपने इस्तीफे के पत्र में कहा कि इस व्यवस्था के बारे में बोर्ड और भारतीय रिज़र्व बैंक को बता दिया गया था, और इसमें हितों का कोई टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) नहीं था। वासुदेवन ने कहा, “कभी-कभी धारणाएं वास्तविकता से अधिक प्रबल होती हैं।” उन्होंने आगे बताया कि निवेशकों ने उनसे कहा था कि इस ‘अनिश्चितता’ (ओवरहैंग) के कारण शेयरों का प्रदर्शन खराब हो रहा है।
वासुदेवन, जो एक दशक से अधिक समय से मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के तौर पर इस NBFC का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि निवेशकों ने बार-बार यह मुद्दा उठाया था और इसका असर स्टॉक पर पड़ रहा था। वासुदेवन ने 2007 में एक माइक्रोफाइनेंस संस्था के रूप में शुरुआत से ही इक्विटास का नेतृत्व किया है। स्मॉल फाइनेंस बैंक एक ऐसा ऋणदाता है जो उन वर्गों को बुनियादी बैंकिंग और क्रेडिट सेवाएं प्रदान करता है, जिनकी इन सेवाओं तक पहुंच कम है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

