स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान हिंसा, कई उम्मीदवारों पर हमले; पूर्व मंत्री को दिया धक्का
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान जमकर हिंसा हुई। नामांकन के दौरान हुई इस हिंसा में 45 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए दो दिनों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा, झड़पों और नामांकन पत्रों को नष्ट किए जाने की 45 घटनाएं हुई हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
हैरानी की बात यह कि सुप्रीम कोर्ट की दखल के बावजूद हिंसा हुई है। इस हिंसा में विपक्ष के उम्मीदवार पर हमले, आगजनी और नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने के साथ उन्हें नष्ट करने की बात सामने आ रही है। पुलिस पर आरोप है कि एक एसआई ने चिलकलुरिपेट में नजरबंद पूर्व मंत्री व वाईएसआरसीपी नेता वी. रजनी को उम्मीदवार से मिलने नहीं दिया। वहीं रजनी ने बाहर निकलने की कोशिश की तो उनके साथ धक्कामुक्की की गई। इस वजह से वो गिर गईं।
पुलिस मामले की जांच शुरू की
पुलिस ने छह मामले दर्ज कर 54 लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को नामांकन के लिए कम से कम 48 घंटे अतिरिक्त समय देने और उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

