‘किसी एक जॉनर में नहीं बंधना…’, धमाल 4-हीरामंडी में काम कर चुकीं Sanjeeda Shaikh अपनी शर्तों पर करती हैं काम

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इंटरनेट मीडिया कलाकारों के लिए अहम जगह बनती जा रही है। बीते दिनों इंस्टाग्राम से दूर रहने वाले अभिनेता सैफ अली खान (Saif Ali Khan) भी उस पर आ गए हैं। हालांकि, कलाकार इस पर रहने की जरूरत और यहां पर बिताने वाले समय के बीच संतुलन बनाकर चलते हैं।

इनमें इस साल इक्का (Ikka) और धमाल 4 (Dhamaal 4) फिल्मों में नजर आईं अभिनेत्री संजीदा शेख (Sanjeeda Shaikh) भी शामिल हैं। वह इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं, लेकिन सोच समझकर अपना वक्त खर्च करती हैं।

टाइम वेस्ट करने से बचती हैं संजीदा

वह कहती हैं कि इंटरनेट मीडिया को अनदेखा नहीं किया जा सकता है, हालांकि मेरा प्रयास होता है कि मैं इस पर कम दिखूं, जिससे जीवन में शांति बनी रहे। इसके लिए खुद पर काम करना होता है, क्योंकि यह करना आसान नहीं होता है। जैसे ही हमारे हाथों में फोन आता है, तो हम सबसे पहले इंस्टाग्राम खोलते हैं। ऐसे में लगातार कोशिश करनी होती है कि खुद उस पर कम समय के लिए रखें। मैं तो टाइमर लगा देती हूं।

इंटरनेट मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग, बाडी शेमिंग और नकारात्मकता को संजीदा कैसे संभालती हैं? इसे लेकर संजीदा शेख आगे कहती हैं कि मैं इंटरनेट मीडिया को केवल अपने मनोरंजन की तरह देखती हूं। निगेटिविटी तो हैं, उसे जितना हो सके नजरअंदाज करें। मैं तो मां भी हूं, ऐसे में मेरे पास वक्त कम ही होता है। मेरा सीधा सा फार्मूला है, मैं अपने सेट पर जाकर काम करती हूं। सहकलाकारों के साथ मजे से काम करती हूं। जब घर आती हूं, तो वहां से खुद को बिल्कुल अलग कर देती हूं।

परिवार ही आपका सब कुछ होता है। मुझे वैसे भी बहुत ज्यादा दिखना पसंद नहीं है। पार्टी में जाना, सोशलाइज करना वो सब नहीं हो पाता है। काम के बाद मेरा ज्यादा वक्त मेरी बेटी के साथ बीतता है। आजकल के बच्चे भी तो इतने तेज हैं कि उनके सवालों के जवाब देते-देते ही मेरी ऊर्जा खत्म हो जाती है। मैंने आज तक अपनी बेटी के लिए कोई केयरटेकर नहीं रखा है। मुझे लगता है कि सब कुछ मुझे ही उनके लिए करना है।

आगे अपने जीवन के टर्निंग प्वाइंट के बारे में बात करते हुए संजीदा कहती हैं कि मेरे करियर का अहम मोड़ वही था कि मैं किसी जॉनर में नहीं बंधी। फिल्मकार इस बात को समझ रहे हैं कि मैं धमाल 4 भी कर सकती हूं, इक्का भी और हीरामंडी: द डायमंड बाजार जैसा भारीभरकम शो भी।  मैं यह नहीं कह रही हूं कि मुझे सब आ गया है, मैं खुद को और बेहतर बनाने में लगी हुई हूं। मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट वही था, जब मैंने तय किया था कि मुझे किसी एक श्रेणी या जॉनर में बंध कर नहीं रहना है। मैंने वह सोच लोगों में आने ही नहीं दी कि यह हीरामंडी कर रही है, तो उसी तरह का किरदार आगे भी करेगी।

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