ताइवान से मिला है पौधे को Money Plant नाम, गरीब किसान की कड़ी मेहनत से जुड़ी है इसकी कहानी

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 अक्सर मनी प्लांट को धन आकर्षित करने वाला पौधा कहा जाता है। वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में तो इस पौधे को धन, सुख-समृद्धि औरज सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया गया है। पर इन सब बातों से परे कभी आपने सोचा है कि आखिर एक पौधे का नाम मनी प्लांट ही क्यों पड़ा? क्यों एक आम से पौधे को पैसों का पेड़ कहा जाने लगा और लोगों इसकी ग्रोथ बढ़ने-घटने से घर की सुख-शांति को जोड़कर देखने लगे?

अगर आप यह कहानी नहीं जानते हैं तो आइए आपको एक प्लांट के साथ मनी शब्द जुड़ने की दिलचस्प कहानी बताते हैं।

क्यों कहा जाता है एक पौधे को मनी प्लांट?

इसकी कहानी भारत से नहीं बल्कि ताइवान से जुड़ी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि ताइवान में रहने वाले एक गरीब किसान से अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान होकर भगवान से प्रार्थना की, इसी दौरान उसे अपने बगीचे में सभी पौधों से अलग दिखने वाला प्लांट मिला। वह चाहता तो उस पौधों को एक आम नजर से भी देख सकता था, लेकिन उसने प्लांट को अपनी परेशानी का हल समझा।
उसने अपने बगीचे में उस पौधे को बो दिया और उसकी अच्छे से देखरेख की। कहते हैं जैसे-जैसे पौधे की ग्रोथ हुई, किसान की भी अच्छी खासी ग्रोथ होने लगी थी। इसे देखकर ही प्लांट के नाम के आगे मनी शब्द जुड़ गया और लोग इसे सुख-समृद्धि के लिए उपहार के रूप में देने लगे।

मनी प्लांट का असली नाम क्या है?

हम सभी मनी प्लांट कहने के इतने आदि हैं कि इसका असली नाम ही नहीं जानते। जबकि मनी प्लांट का वैज्ञानिक नाम एपिप्रेमिनम ऑरेम है और आम बोलचाल में इसे पोथोस या फिर गोल्डन पोथोस नाम दिया गया है। वहीं, इस पौधे की उत्पत्ति की बात करें, तो यह दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित फ्रेंच पोलिनेशिया में मो’ओरिया नामक आइलैंड का मूल निवासी बताया जाता है।

कई प्रकार के होते हैं मनी प्लांट

यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि मनी प्लांट की भी कई किस्में हैं। इसमें मार्बल क्वीन पोथोस, गोल्डन पोथोस, जेड पोथोस और एन’जॉय पोथोस शामिल हैं। भारतीय घरों में जिस प्लांट को सबसे ज्यादा लगाया जाता है, वह गोल्डन पोथोस है। इस पौधे के पत्तियां दिल के आकार की और इनका रंग हल्का हरा या पीला होता है।

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