नमो देव्यै, महादेव्यैः रोजगार और जागरूकता से जनसंख्या नियोजन की राह आसान कर रहीं ग्वालियर की स्तुति

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 जनसंख्या नियोजन का उद्देश्य केवल जनसंख्या वृद्धि को संतुलित करना नहीं, बल्कि लोगों को शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य के अवसर उपलब्ध कराना भी है। ग्वालियर की स्तुति गुप्ता उद्यमिता और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी पहल से इसी दिशा में योगदान दे रही हैं।

उनका प्रयास है कि महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और रोजगार के अवसरों से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत बने। व्यापार की शृंखला से जुड़कर सैकड़ों लोग रोजगार पाए हैं। कारोबार के क्षेत्र में नया आयाम गढ़ने के बाद महिलाओं को सेहत के प्रति जागरूक करने में भी जुट गईं। उनके इंटरनेट मीडिया पर बनाए समू

22 साल की उम्र में संभाला कारोबार

स्तुति के सामने उस उम्र में पिता के डूबते कारोबार को संभालने की चुनौती आई, जब युवा अपने करियर की शुरुआत करते हैं। व्यापार में नुकसान के कारण पिता अवसाद में चले गए थे। वर्ष 2017 में महज 22 वर्ष की उम्र में स्तुति ने कारोबार की कमान संभाली और आयुर्वेदिक उत्पादों के व्यवसाय को 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंचाया।

हों से पांच लाख महिलाएं जुड़ी हैं। जहां 56 स्त्री रोग विशेषज्ञ माहवारी में अनियमितता जैसी समस्याओं पर निश्शुल्क परामर्श देती हैं।

फैक्ट्री में 100 से अधिक कर्मचारी

स्तुति बताती हैं कि हमारी ‘अमृतम’ कंपनी है, जिसमें आयुर्वेदिक दवाइयां बनती हैं। फैक्ट्री में 100 से अधिक कर्मचारी लगभग 80 उत्पाद तैयार करते हैं। आयुष मंत्रालय से हमारे 1000 से फार्मुलेशन लाइसेंस हैं। हमारे प्रोडक्ट यूएस, कनाडा, दुबई, जर्मनी, आस्ट्रेलिया समेत 40 देशों में जाते हैं। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इन देशों में हम अपनी टीम भी तैयार कर रहे हैं।

वुमन हेल्थ के काम पर फोकस

वह कहती हैं कि जब पापा व्यापार कर रहे थे, तब प्रोडक्ट ग्वालियर और आसपास के शहरों तक ही भेजे जाते थे। मैंने जब बिजनेस रीस्टार्ट किया, तो बड़ा सोचा। इंटरनेट मीडिया की मदद से ब्रांडिंग की और बिजनेस को उस लेवल तक लेकर गई कि आज डिमांड अधिक है और उत्पाद कम पड़ जाते हैं। हमारे व्यापार में ग्रोथ कोविड के बाद ही आई। हमारी कंपनी वुमन हेल्थ पर ज्यादा काम करती है।

विदेश की भी युवतियां ले रहीं निश्शुल्क परामर्श

स्तुति ने बताया कि महिलाओं में महावारी में अनियमितता की समस्या आम है। बीते पांच साल से मैं इस पर भी काम कर रही हूं। हमने वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि प्लेटफार्म पर ग्रुप बनाए हुए हैं। इसमें भारत के साथ ही अन्य देशों की युवतियां और महिलाएं भी निश्शुल्क परामर्श प्राप्त कर रही हैं।

पांच लाख महिलाओं तक पहुंचा स्वास्थ्य परामर्श

कारोबार के साथ स्तुति ने महिला स्वास्थ्य जागरूकता को भी अपनी पहल का हिस्सा बनाया। पिछले पांच वर्षों से वह माहवारी में अनियमितता जैसी समस्याओं पर महिलाओं को सही जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं। वाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर बने समूहों से लगभग पांच लाख महिलाएं जुड़ी हैं। यहां 56 स्त्री रोग विशेषज्ञ निश्शुल्क परामर्श देती हैं अमृतम से जुड़ी आयुर्वेद चिकित्सक डा. राजबाला प्रति माह एक हजार से अधिक महिलाओं को निश्शुल्क परामर्श देती हैं। कंपनी की कंटेंट हेड प्रणति चौधरी के अनुसार, महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों से अब तक सैकड़ों महिलाओं को लाभ मिला है।

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