राउरकेला: ओडिशा के प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) राउरकेला ने वैश्विक स्तर पर शोध के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Stanford University और Elsevier की ओर से जारी दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में संस्थान के 29 फैकल्टी सदस्यों को जगह मिली है। यह उपलब्धि संस्थान के शोध कार्य और उसके वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है।
29 फैकल्टी सदस्य सिंगल-ईयर सूची में शामिल
NIT राउरकेला की ओर से साझा जानकारी के मुताबिक, 2024 के आकलन में संस्थान के 35 वैज्ञानिकों को Stanford–Elsevier Top 2% Scientists सूची में स्थान मिला। इनमें 33 फैकल्टी सदस्य और 2 पीएचडी स्कॉलर शामिल हैं।
संस्थान के 29 फैकल्टी सदस्य सिंगल-ईयर इम्पैक्ट सूची में शामिल हुए, जबकि 17 फैकल्टी सदस्यों को करियर-लॉन्ग इम्पैक्ट सूची में जगह मिली। इनमें 13 फैकल्टी दोनों श्रेणियों में शामिल रहे।
शोध के प्रभाव और उद्धरणों पर आधारित आकलन
Stanford–Elsevier की यह सूची वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव और उनके प्रकाशित शोध-पत्रों के उद्धरण जैसे अकादमिक मानकों पर आधारित है। 2024 के सिंगल-ईयर आंकड़ों में शोधकर्ताओं के उस वर्ष प्राप्त उद्धरणों को आधार बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस संस्करण में Scopus के डेटा का इस्तेमाल किया गया था।
NIT राउरकेला के लिए बड़ी उपलब्धि
NIT राउरकेला के वैज्ञानिकों का इस वैश्विक सूची में शामिल होना संस्थान की शोध क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। संस्थान के अलग-अलग विभागों से जुड़े प्रोफेसरों ने विज्ञान, इंजीनियरिंग, लाइफ साइंस, मैटेरियल्स, फिजिक्स और अन्य क्षेत्रों में शोध किया है।
इससे पहले 2023 के सिंगल-ईयर आकलन में भी NIT राउरकेला के 25 फैकल्टी सदस्य दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत सबसे अधिक उद्धृत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए थे।
भारत के शोध जगत में भी NIT का योगदान
2024 की सिंगल-ईयर सूची में भारत के हजारों शोधकर्ताओं को स्थान मिला। भारतीय संस्थानों में IIT के बाद NIT जैसे संस्थानों के भी बड़ी संख्या में शोधकर्ता इस सूची में शामिल हुए हैं। NIT राउरकेला के 29 फैकल्टी सदस्यों का चयन संस्थान के लिए खास उपलब्धि है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

