बिहार के गया जी में आज से चार दिवसीय त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध की शुरुआत हो गई है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गया पहुंचकर अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान और तर्पण करेंगे।
गया श्राद्ध का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु पवित्र फल्गु नदी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर कर्मकांड करते हैं। इस दौरान विष्णुपद मंदिर परिसर में स्थित 16 वेदियों पर भी पिंडदान किया जाएगा।
मान्यता के अनुसार, गया में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्राद्ध पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंचते हैं और निर्धारित विधि-विधान के साथ पितृ कर्म संपन्न करते हैं।
चार दिवसीय आयोजन को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भी तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
गया जी में शुरू हुए इस विशेष श्राद्ध अनुष्ठान के दौरान विष्णुपद मंदिर और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। अगले चार दिनों तक गया में धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

