रांची में कुत्तों का बढ़ा आतंक! 6 महीने में 31,368 लोगों को काटा, रोज 170 से ज्यादा अस्पताल पहुंचे
रांची में कुत्तों के काटने के मामले बढ़े, 6 महीने में 31,368 लोग हुए शिकार; रोज 170 से ज्यादा अस्पताल पहुंचे
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले छह महीनों में शहर में 31,368 लोग कुत्तों के काटने से प्रभावित हुए हैं। इस हिसाब से हर दिन औसतन 170 से ज्यादा लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं ने शहर में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की मौजूदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में कुत्ते के काटने के बाद उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है। छह महीने में 31 हजार से अधिक मामले सामने आने के बाद आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साफ पानी और साबुन से धोना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। रेबीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए काटने की घटना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रांची में सामने आए ये आंकड़े शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

