मुस्लिम को दुर्गापूजा का लाइसेंस, हिंदू के नाम ताजिया; बक्सर के नावानगर में 65 साल से अनोखी परंपरा
बक्सर: बिहार के बक्सर जिले के नावानगर में धार्मिक सौहार्द से जुड़ी एक अनोखी परंपरा करीब 65 वर्षों से चली आ रही है। यहां दुर्गापूजा के लिए लाइसेंस मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति के नाम पर है, जबकि ताजिया का लाइसेंस हिंदू परिवार के नाम पर दर्ज है। स्थानीय लोगों के बीच यह परंपरा लंबे समय से चर्चा और सामाजिक मेल-जोल का उदाहरण बनी हुई है।
नावानगर में दुर्गापूजा और मुहर्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में दोनों समुदायों की भागीदारी की यह परंपरा पुरानी बताई जाती है। स्थानीय स्तर पर धार्मिक आयोजनों को लेकर आपसी सहयोग और सहभागिता का सिलसिला कई दशकों से जारी है।
बताया जाता है कि दुर्गापूजा के लाइसेंस से जुड़े मुस्लिम परिवार और ताजिया के लाइसेंस से जुड़े हिंदू परिवार इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहे हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय लोग एक-दूसरे के पर्व में सहयोग करते हैं और आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में भूमिका निभाते हैं।
करीब छह दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा नावानगर के सामाजिक ताने-बाने की एक अलग तस्वीर पेश करती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पीढ़ियां बदलने के बावजूद दोनों परिवारों और समुदायों के बीच सहयोग की यह परंपरा कायम है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

