नेतन्याहू का गुप्त अबू धाबी दौरा, UAE राष्ट्रपति से मुलाकात

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नेतन्याहू का गुप्त अबू धाबी दौरा, UAE राष्ट्रपति से मुलाकात की खबर से बढ़ी हलचल

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अचानक अबू धाबी पहुंचने और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करने की खबर सामने आई है। यह दौरा पहले से सार्वजनिक नहीं किया गया था। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स को नेतन्याहू के अबू धाबी दौरे और UAE राष्ट्रपति के साथ बैठक की पुष्टि की है। हालांकि, नेतन्याहू के कार्यालय और UAE के विदेश मंत्रालय की ओर से तत्काल बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।

निजी विमान से अबू धाबी पहुंचे नेतन्याहू

इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नेतन्याहू रविवार को एक निजी विमान से अबू धाबी पहुंचे। रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्होंने UAE में करीब चार घंटे बिताए और इसके बाद इजरायल लौट गए। इस दौरे की पहले से सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी, जिसके चलते इसे लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई।

UAE राष्ट्रपति से हुई अहम मुलाकात

रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू और शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच आमने-सामने बातचीत हुई। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बैठक के विवरण पर टिप्पणी नहीं की है।

7 अक्टूबर 2023 से जुड़ी रिपोर्टों के बीच दौरा

नेतन्याहू का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले से पहले UAE की ओर से कथित चेतावनी को लेकर नई रिपोर्टें चर्चा में हैं। इजरायली अखबार हारेत्ज की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि शेख मोहम्मद ने हमास की ओर से संभावित बड़े ऑपरेशन को लेकर नेतन्याहू को आगाह किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सूचना इजरायली खुफिया एजेंसियों या सेना तक नहीं पहुंची थी। नेतन्याहू ने इस दावे को खारिज किया है।

इजरायल-UAE संबंधों पर भी नजर

इजरायल और UAE ने 2020 में अब्राहम समझौते के तहत राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर पर संपर्क बढ़ा है। ऐसे में नेतन्याहू की अबू धाबी यात्रा और UAE राष्ट्रपति के साथ हुई कथित गोपनीय बैठक को क्षेत्रीय संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल बैठक के एजेंडे और उसमें हुई बातचीत को लेकर आधिकारिक विवरण का इंतजार है। इसलिए दौरे के उद्देश्य को लेकर सामने आ रही अटकलों को आधिकारिक पुष्टि से अलग देखना जरूरी है।

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