दिल्ली में भ्रष्टाचार में लगातार पकड़े जा रहे अधिकारियों के मामलों ने सरकारी विभागों और निगमों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के जरिये कुछ अधिकारी-कर्मचारी सरकारी खजाने को चूना लगाकर संपत्ति जुटा रहे हैं।
41 लाख रुपये बरामद
पिछले शनिवार को सीबीआई ने पश्चिमी दिल्ली में आबकारी निरीक्षण को रिश्वत लेते पकड़ा गया, उसके यहां से डेढ़ करोड़ की नकदी बरामद हुई है। सोमवार को नंद नगरी खेल मैदान की जमीन आवंटन मामले में डूसिब के अधिशासी अभियंता वेदपाल मीणा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया और उसके घर से 41 लाख रुपये बरामद हुए।
इससे पहले 16 सितंबर को नगर निगम के वरिष्ठ सचिवालय सहायक समेत तीन लोगों को 15 लाख रुपये की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया और 25.25 लाख रुपये बरामद हुए थे।
इस साल सामने आए रिश्वतखोरी के बड़े मामले
जनवरी में सीबीआई ने कश्मीरी गेट के सब-रजिस्ट्रार पंकज यादव को 10,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
- मार्च में एमसीडी उत्तरी के उपायुक्त कर्नल (सेवानिवृत्त) अभिषेक कुमार मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी देवांशु गौतम चार लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार।
- जून में दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार की जांच में पूर्व स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डा. वत्सला अग्रवाल, पूर्व सीपीए प्रमुख विनोद कुमार रंगा, उप नियंत्रक लेखा नीरज चोपड़ा को एसीबी ने गिरफ्तार किया।
- जुलाई में एसीबी ने रिश्वत मामले में तिहाड़ जेल के सहायक अधीक्षक और छह वार्डरों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया।
- जुलाई में सीबीआइ ने पंजाबी बाग में सब-रजिस्ट्रार नंद किशोर मीणा को 80 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
- जुलाई में पीडब्ल्यूडी का सहायक अभियंता रूप सिंह मीणा ठेकेदार को सरकारी कार्यों में कथित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार। 21 लाख रुपये की रिश्वत बरामद।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

