नाबालिग बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य के मामले में आरोपित नंदन यादव के पिता गनौरी यादव की गिरफ्तारी की खबर ने संसार देवी के वर्षों पुराने जख्म को फिर हरा कर दिया। अपने दो बेटों डीपी यादव और पूना को खोने का दर्द वह आज भी अपने सीने में दबाए बैठी हैं।
गनौरी ने मेरे दो बेटों को मार दिया
संसार देवी ने भावुक होकर कहा, “गनौरी ने मेरे दो बेटों डीपी यादव और पूना को मार दिया था। उस घटना को मैं आज तक नहीं भूल पाई हूं।” इतना कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा गई। उन्होंने कहा कि बेटों की मौत के बाद परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा था। समय बीतता गया, जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन मां के लिए बच्चों को खोने का दर्द कभी पुराना नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ा दु:ख और क्या हो सकता है कि उसकी आंखों के सामने उसके बेटे दुनिया से चले जाएं। उन दिनों को याद करते ही आज भी कलेजा कांप उठता है। वर्षों बाद गनौरी की गिरफ्तारी की खबर ने उन्हें उस दौर में पहुंचा दिया, जिसे वह शायद भूल जाना चाहती थीं। संसार देवी के चेहरे पर पुराने दर्द के साथ न्याय की उम्मीद भी नजर आई।
बेटों को खोने का जख्म जिंदगी भर साथ रहेगा
उन्होंने कहा कि बेटों को खोने का जख्म जिंदगी भर उनके साथ रहेगा। इधर, गनौरी के इतने वर्षों तक फरार रहने के सवाल पर एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि पुराने मामले के विचारण के दौरान गनौरी फरार था। अब जब उसे गिरफ्तार किया गया है तो उसे उसी मामले में न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

