सीतापुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ई-कोलाई युक्त पानी से छात्राएं बीमार, जांच में लापरवाही
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रेउसा की छात्राएं बार-बार बीमार हो रही हैं। पानी की जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया निकल चुका है।
बावजूद इसके एक निश्चित समय अंतराल पर पानी की जांच नहीं कराई जा रही। दिसंबर 2025 में एक साथ 14 छात्राओं के बीमार पड़ने के बाद विद्यालय के पानी की जांच कराई गई थी। जांच में खतरनाक बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी।
नतीजतन छात्राओं के बीमार होने का सिलसिला नहीं थमा। दस अगस्त की रात दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। शनिवार रात दो छात्राओं की तबीयत खराब हुई। सोमवार की देर शाम भी एक छात्रा को परेशानी होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
बार-बार छात्राओं में एक जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने के बाद भी पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि पूर्व में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने के बाद पानी की दोबारा जांच कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि पेयजल अब सुरक्षित है या नहीं। स्वास्थ्य टीम अवश्य हर माह स्वास्थ्य परीक्षण करती है।
जल निगम की विजयलक्ष्मी नगर पार्क में लैब है। कोई भी व्यक्ति यहां पानी का नमूना लाकर जांच करवा सकता है। विद्यालयों में जांच का प्रविधान नहीं है।
– अरविंद त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता जल निगम।विद्यालय के पेयजल की जांच नहीं कराई गई है। पानी की टंकियों की साफ-सफाई अवश्य करवाई गई थी।
– ज्योति चौधरी, वार्डन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय रेउसा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

