कौन बनेगा करोड़पति? ऑनलाइन गेम में ठगी, अध्यापक ने गंवाए डेढ़ करोड़ रुपये
कौन बनेगा करोड़पति ऑनलाइन गेम में चेहरा पहचान प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अध्यापक ने डेढ़ करोड़ रुपये गवां दिए। ठगों ने प्रति चेहरा पहचानने पर 8.5 लाख रुपये देने का झांसा दिया।
आरोपित उन्हें पांच माह तक झूठा दिलासा दिलाते रहे और ठगी की रकम पाने के लिए 50 ट्रांजेक्शन कराई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है, जिसके आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एक चेहरा पहचानने पर 8.5 लाख रुपये जीतने का दावा किया जा रहा था। आरोपितों ने मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोटो दिखाया, जिसे वह पहचान गए। पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने जीती हुई रकम मांगी तो नितिन नामक व्यक्ति ने धनराशि अदा करने से पूर्व टैक्स चुकाने के लिए कहा।
साइबर ठगों ने उन्हें आरबीआइ दस्तावेज भेजकर बताया कि वह करोड़ों रुपये की धनराशि जीत चुके हैं। रकम निकालने के लिए विभिन्न नंबरों से अन्य टैक्स का नाम लेकर बार-बार पैसे मांगते रहे। इसके बाद यह भी झांसा दिया कि आप कार जीत चुके हैं। ठगों ने 30 मार्च से टैक्स के नाम पर उनसे रकम मंगवानी शुरू की।
सितंबर माह तक उनसे 1.50 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में मंगवा लिए। इस दौरान कुछ रकम उन्होंने अपने निजी खातों से जबकि कुछ परिचितों से उधार मांगकर आरोपितों के खातों में ट्रांसफर की। इस दौरान उनसे 50 से अधिक ट्रांजेक्शन कराई गई।
1.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के बाद भी आरोपित और पैसे भेजने की बात कह रहे थे। सभी खाते खाली होने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

