बंगाल भाजपा के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर स्थित बाइगाछी तेल क्षेत्र में चल रही ओएनजीसी की परियोजना में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने देने की बात कही है।
28 अगस्त से शुरू हुआ वाणिज्यिक उत्पादन, पहली खेप हल्दिया पहुंची
अशोकनगर के बाइगाछी तेल क्षेत्र में 28 अगस्त से वाणिज्यिक स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हुआ है। उसी दिन 1200 लीटर कच्चे तेल की पहली खेप टैंकर के माध्यम से हल्दिया भेजी गई थी। परियोजना के तहत कुल पांच कुएं खोदने की योजना है, जिनमें से एक कुएं का काम पूरा हो चुका है।
शमिक के अनुसार, एक अन्य कुएं से लगभग सल्फर रहित उच्च गुणवत्ता का कच्चा तेल मिल रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना में केंद्र सरकार की ओर से करीब 1100 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उत्पादन बढ़ने के साथ जिले में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
शमिक ने कहा कि अशोकनगर परियोजना से जुड़ा उनका प्रयास नया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों से संसद और पेट्रोलियम मंत्रालय के स्तर पर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि आयल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक रहते हुए भी परियोजना के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया था। परियोजना में आयल इंडिया की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने बोर्ड की बैठकों में इस मुद्दे को उठाने के साथ पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भी लिखा था।
राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से प्रत्येक सत्र में अशोकनगर परियोजना का मुद्दा उठाने का दावा करते हुए शमिक ने कहा कि उन्होंने कभी शून्यकाल, कभी विशेष उल्लेख और कभी विभिन्न चर्चाओं के दौरान यह विषय उठाया।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्री उनसे मजाक में कहते थे, ‘इट्स योर बेबी।’ शमिक ने रनाघाट में प्राकृतिक गैस और बंगाल की खाड़ी के बंगाल आफशोर क्षेत्र में तेल की खोज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अशोकनगर परियोजना के शुरू होने से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

