सिंगरोली| ब्रह्माकुमारीज के तपोवन परिसर विंध्यनगर में प्रशासक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कर्मयोग द्वारा सशक्त भारत विषय को स्पष्ट करते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शैलजा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एक कुशल प्रशासक वही बन सकता है जिसने अपने जीवन में निरहंकारिता को अपनाया हो, जिसके पास परोपकारी प्रवृत्ति हो, स्नेह-प्यार हो, दया करूणा हो वही एक अच्छा प्रशासक बन सकता है। हमें अपने जीवन में आत्मविश्वास परमात्म विश्वास को लाना अति आवश्यक है तब ही हम एक कुशल स्वप्रशासक व अन्य पर प्रशासन करने वाले प्रशासक बन सकते हैं। लाॅ और लव का बैलेंस रखना भी प्रशासन में बहुत जरूरी है अपने जीवन में दया-करूणा व अन्य सभी दिव्य शक्तियों व गुणों को भरने के लिए ब्रम्हाकुमारीज़ में सिखाए जाने वाला राजयोग मेडिटेशन को अपनाना एक कारगर उपाय है, जिसके द्वारा हम एक कुशल प्रशासक बन सकते है। राजयोगी ब्रह्माकुमार राजू भाई जी ने अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि अवधेश दीदी की ममतामयी पालना, अथक मेहनत, लगन और परिश्रम का कमाल है।

अपने मप्र और उप्र के विभिन्न जिलों में 300 से अधिक सेवा केंद्रों की स्थापना की। इन सेवा केंद्रों के माध्यम से एक लाख से अधिक लोग अध्यात्म के पथ पर चलते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। साथ ही इन सेवा केंद्रों पर आपके मार्गदर्शन में 500 से अधिक बेटियों ने अपना जीवन समाजसेवा में समर्पित किया। कुशल प्रशासन का जीता जागता उदाहरण है। के के होता जी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एनटीपीसी विंध्यनगर ने समारोह को सम्बोधित करते हूए कहा कि राजनीति और प्रशासन के शुद्धिकरण के बिना व्यवस्थापन कौशल सम्भव नहीं है। स्वनियमन और स्व अनुशासन भी बहुत जरूरी है।

कथावाचक विजयलक्ष्मी शुक्ला ने कहा कि श्रीमद भगवत गीता कर्म पर केन्द्रित है। यह हमें सिखाता है कि सोच समझकर कर्म करो। नतीजे के बारे में सोचकर कर्म करना चाहिए। दतिया से आए ब्रह्माकुमारी दीपा दीदी ने कहा कि व्यवस्थापन कौशल के लिए प्रकाशक को समदर्शी, सत्यदर्शी, दूरदर्शी, प्रियदर्शी और पारदर्शी होना जरूरी है। उन्होने कहा कि गीता सबसे अच्छा मैनेजमेंट मैनुअल है। इसमें जीवन को सुखमय बनाने का ज्ञान है। जब हम अपनी कर्मेंद्रियों पर राज करेंगे तभी हम कुशल प्रशासक बना पाएंगे।

ब्रह्माकुमारी किरण ने कहा कि वर्तमान समय भगवान पशुपतिनाथ हम आत्माओं को पावन बनाने के लिए आ चुके हैं। अब हमें उनकी आज्ञा के अनुसार पावन बनना है। जितेंद्र प्रसाद रिलायंस प्रेसिडेंट ने कहा कि जीवन का परिवर्तन हमारे हाथ में है। दूसरों को बदलने की बजाय हमें स्वयं को बदलने का पुरुषार्थ करना है। तेज बहादुर माथुर पूर्व एच आर हिंडोलका ने कहा कि अच्छे प्रशासक में पवित्रता, ईमानदारी और सकारात्मक नजरिया का होना आवश्यक है। ब्रह्माकुमारीज के प्रशासक सेवा प्रभाग! तनाव मुक्त बनाने और राजयोग से जीवन जीने की कला सिखलाने के लिए सेवा में निरन्तर सेवारत है। प्रियंका बहन एवं उनके ग्रुप ने सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।


विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

