पंजाब के प्रमुख औद्योगिक शहर लुधियाना में बिजली कटौती का संकट गहराने के बाद कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लगातार हो रही अनिश्चित पावर कट के कारण उत्पादन पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है, जिससे तंग आकर डाइंग एसोसिएशन ने कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि सोमवार से पूरे एक सप्ताह के लिए डाइंग कारखानों को बंद रखा जाएगा। इसके साथ ही सरकार और पावरकाम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताने के लिए 14 सितंबर को दोपहर ढाई बजे चंडीगढ़ रोड स्थित वर्धमान चौक पर धरना देकर यातायात पूरी तरह बाधित किया जाएगा।
डाइंग एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों से कर्मचारियों के साथ भारी संख्या में वर्धमान चौक पहुंचने का आह्वान किया है। इसके अलावा टेक्सटाइल और होजरी संगठनों से भी इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने की अपील की गई है।
बिजली बंद होने से कच्चा माल खराब
कारोबारियों का कहना है कि अनसुलझे बिजली संकट ने उद्योगों के काम करने के पूरे तंत्र को बिगाड़ दिया है। समय पर ऑर्डर पूरे न हो पाने के कारण न सिर्फ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, बल्कि विदेशी और घरेलू बाजार में साख भी खराब हो रही है।
डाइंग, टेक्सटाइल और होजरी जैसे उद्योगों में मशीनें लगातार चलती हैं। बीच में अचानक बिजली बंद होने से कच्चा माल खराब हो जाता है, मशीनों में खराबी आती है और श्रमिकों को खाली बैठना पड़ता है। इससे उत्पादन की लागत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है।
स्थायी समाधान नहीं निकला
उद्योग प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि शासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई स्थायी समाधान नहीं निकला, तब उन्हें यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। अगर अब भी निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई तो विरोध को और उग्र किया जाएगा। बिजली की यह समस्या सीधे तौर पर उत्पादन, रोजगार और निर्यात पर संकट खड़ा कर रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

